Foreigner girl falls in love with stray dog, spends Rs. 7 lakh to take it to France

dogJaipur: French citizen Mariyam who was on a research work here became so much enamoured with a stray dog that not only she got it medically treated during her stay but also spent Rs. 7 lakh to take it to France. The dog “Mithai” and Mariam are now living in France for last two years.

Mariam had found the bitch (female dog) outside campus of Amity University. When Mariam returned to France, she took it with her.

विदेशी लड़की का डॉग के लिए प्यार, फ्रांस ले जाने के लिए खर्च किए 7 लाख

जयपुर.जयपुर की सड़कों पर आवारा घूमते एक डॉग काे आज फ्रांस में एक घर मिला है। फ्रांस से आई एक रिसर्च स्कॉलर उसे अपने साथ फ्रांस ले जाने के लिए अपनी पढ़ाई के दौरान न सिर्फ उसका मेडिकल ट्रीटमेंट करवाया बल्कि, फ्रांस सरकार से ‘मिठाई’ को अपने साथ लाने की परमिशन पाने के लिए करीब सात लाख रुपए खर्च कर दिए। करीब दो साल की लड़ाई के बाद अब मरियम और ‘मिठाई’ फ्रांस में एक साथ हैं। किसी भी कीमत पर भारत छोड़कर नहीं जाना चाहती थी मरियम…

– फ्रांसीसी रिसर्च स्कॉलर मरियम को 4 जनवरी 16 को एमिटी यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर यह फीमेल डॉग लावारिस मिला। मरियम ने उसे साथ ले लिया और प्यार से नाम रख दिया ‘मिठाई’।

– मरियम ने पास ही के एक किसान परिवार की मदद ली और मिठाई का पूरा ख्याल रखते हुए धीरे-धीरे उसे पूरी तरह अपना लिया।

– जब मरियम की पढ़ाई पूरी होने लगी तो उसे मिठाई की चिंता सताने लगी। वह किसी भी कीमत पर उसे भारत छोड़कर नहीं जाना चाहती थी।

– इसके लिए उसने फ्रांस जाकर तमाम सरकारी पड़ताल की। फिर यहां आकर मिठाई की बॉडी की तमाम मेडिकल जांचें करवाई। इसके ब्लड, सीरम सैंपल दिल्ली, स्कॉटलैंड, फ्रांस तक गए।

– लंबी भागदौड़ के साथ एनओसी में भी काफी दिक्कतें आई। आखिरकार हर लेवल पर क्लियरेंस मिल ही गईं। मरियम शुक्रवार को मिठाई के साथ फ्रांस रवाना हो गई। घर पहुंचकर मरियम अपनी इस हिंदुस्तानी दोस्त के साथ अब फ्रांस में नई जिंदगी शुरू कर रही है। वहीं मिठाई (बारडियक्स) को भी फ्रांस की आबोहवा कुछ अलग सी लग रही है।

सैंपल लगेज में टूटे तो दूसरी बार भेजना पड़ा स्कॉटलैंड :

मिठाई का जयपुर में मेडिकल ट्रीटमेंट करने वाले डॉक्टर सुनील चावला बताते हैं कि एक लावारिस डॉग के लिए मरियम के प्यार को बयां नहीं किया जा सकता। वह दी गई डेट पर हर वक्त इलाज के लिए मिठाई के साथ हाजिर होती रही। कई बार यूनिवर्सिटी से सिटी बस में तो कई बार गाड़ी से। स्कॉटलैंड की लेबोरेट्री में जांच के लिए गए सैंपल लगेज के दबाव में टूट गए तो उन्हें दूसरी बार भेजना पड़ा। मिठाई के ब्लड, सीरम सहित अन्य जांच के सैंपल वहां भेजे गए।

केनल क्लब ऑफ राजस्थान के सेक्रेट्री वीरेन का कहना है कि मिठाई के गले में लगी माइक्रोचिप को स्कैनर के जरिए उन्होंने स्कैन किया ताकि सरकारी दस्तावेज में उसका रिकॉर्ड हो सके। फ्रांस सरकार की एनओसी आने से पहले दिल्ली में विभिन्न विभागों में सरकारी दस्तावेजों के लिए मरियम को अपनी पढ़ाई से ब्रेक लेकर खूब भागदौड़ भी करनी पड़ी।

मरियम का कहना है- वह जल्द ही माहौल में ढल जाएगी। पूरा सफर बेहद मुश्किल भरा रहा है, लेकिन वह खुश है क्योंकि उसके पास जयपुर की मिठाई है। मिठाई के साथ अपने देश में पहला संडे वह भूल नहीं पाएगी।

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