Major racket of fake army recruitment busted, Rs. 2 crore seized

armyThe Anti-Terrorist Squad (ATS) busted a gang involved in fleecing money from unemployed youths in the name of providing jobs in the Army and arrested four persons in this connection. One person was arrested from Udaipur while the remaining were nabbed from Jaipur. The authorities have seized a whooping amount of Rs 1.80 crore from their possession. More arrest may follow, authorities said.

Acting on a tip-off, the Udaipur ATS team had detained an accused Arjun Singh ro Nokha, Bikaner during the ongoing army recruitment rally here in Udaipur at the Khelgao premises in ChitrakootNagar on Monday. The team seized 2 lakh 50 thousand rupees and original marksheets and qualification certificates of many candidates who had come to participate in the recruitment rally. ” When we quizzed Arjun Singh thoroughly, he revealed the details about his aides in Jaipur” an officer said.

On his information, the Jaipur ATS team nabbed NandSingh Rathore ro Keshavpura, Jaipur and seized 1.79 crore rupees from his possession. Another person Sunil Vyas resident of NCC defense academy, Banad was held alongwith original documents of various candidates. The authorities seized many liquor bottles too from his custody that had been issued from the Army canteen. The fourth suspect Mahendra Singh too was held later who aided his gang members to fleece money from unemployed youth in the pretext of guaranteed selection in the recruitment rally.

” Prima Facie it appears these men duped candidates into believing that they could get them guaranteed selection after they appear in the physical test and medical examination. They demanded 4 lakh rupees from each candidate and kept their original documents as security. The candidates who cleared the tests would assume that they got selected due to the gang members and paid the demanded sum. It would also be investigated whether army loopholes are involved in the process” an officer said.

आर्मी में गारंटी से भर्ती कराने वाला गिरोह पकड़ा, 1.79 करोड़ रु. भी मिले

जयपुर/उदयपुर/जोधपुर. मिलिट्री इंटेलीजेंस लाइजन यूनिट जोधपुर और एटीएस ने सेना में गारंटी से भर्ती कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए उदयपुर व जयपुर में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में नोखा (बीकानेर) का अर्जुन सिंह, जयपुर के मुरलीपुरा का नंद सिंह व महेन्द्र सिंह तथा बैनाड़ रोड का सुनील व्यास शामिल है। गिरोह के सरगना नंद सिंह राठौड़ के घर की तलाशी में 1.79 करोड़ रु. नकद मिले।

आरोपियों ने खुलासा किया कि 40 से ज्यादा अभ्यर्थियों से यह राशि ली गई है। हर एक अभ्यर्थी से ढाई से तीन लाख रु. तक वसूले गए। एटीएस ने एसआेजी थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एटीएस अब उन अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए बुलाएगी, जिनके दस्तावेज आरोपियों के पास मिले हैं। आरोपी किस आधार पर सेना में भर्ती कराते थे, इसकी जांच भी की जा रही है।

 

एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि साेमवार को मिलिट्री इंटेलीजेंस से सूचना मिली थी कि उदयपुर में चल रही सेना भर्ती परीक्षा में कुछ लोग अभ्यार्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ले रहे हैं। इसके बाद उदयपुर में दबिश देकर अर्जुन सिंह को पकड़ा। उसने पूछताछ में गिरोह के अन्य आरोपियों के नाम बताए।

मंगलवार को एटीएस जयपुर की टीम ने अलग-अलग जगह दबिश देकर नंद सिंह, सुनील व्यास व महेन्द्र सिंह को भी पकड़ लिया। नंद सिंह के घर पर सर्च में मिली 1.79 करोड़ रुपए की नई करेंसी के बारे में वह गोलमोल जवाब देता रहा और यह नहीं बता पाया कि यह राशि कहां से आई।

वह होमगार्ड में था और वर्ष 2006 में नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद से वह पैसे लेकर अभ्यर्थियों की सेना में भर्ती करवाने लग गया था। एटीएस की प्रांरभिक जांच में सामने आया कि आराेपी महेन्द्र सिंह व सुनील व्यास ने एनसीसी डिफेंस एकेडमी के नाम से एक संस्था खोल रखी थी।

यहां पर आरोपी अभ्यार्थियों को कोचिंग व ट्रेनिंग देकर सेना भर्ती परीक्षा की तैयारी करवाते थे। आरोपी महेन्द्र व सुनील रोजाना सेना में भर्ती होने वाले अभ्यार्थियों को बुलाकर एकेडमी में फिटनेस ट्रेनिंग भी देते थे।

एक आरोपी के घर से आर्मी की 24 बोतल शराब बरामद, सैन्य अधिकारियों से जुड़े होने की आशंका

एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी सुनील के घर से आर्मी कैंटीन की शराब की 24 बोतलें मिली हैं। आशंका है कि इनके तार सेना के अफसरों से भी जुड़े हुए हैं। हालांकि रक्षा प्रवक्ता ले. कर्नल मनीषा ओझा ने इससे इनकार करते हुए कहा कि सेना पूरी निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रिया को उदयपुर में लागू कर रही है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले दस साल से सेना में भर्ती कराने का काम कर रहे हैं। आरोपियों ने अभ्यर्थियों से मूल दस्तावेज ले रखे थे। दो ने एनसीसी डिफेंस एकेडमी भी खोल रखी थी।

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