Woman masterminds kidnapping and 3 brutal murders

murderGuna / Bhopal The police has taken the curtain from the sensation spreading in the fold of the MP’s body in the city of Gungana. Friendship, kidnapping, share in money, fear of opening the door and then the murder on the murder. 3 Such a horrific story of Murder is coming out. What is the matter …

The dead body of the three youths was burnt

-The investigation revealed that the body of the three youths was burnt to death for evading the evidence.

This whole incident involves a woman, her son and 1 friend. The main conspiracy is a woman.

First, he kidnapped and murdered the son of the office superintendent in the Irrigation Department.

After this, he asked for a ransom. When 1 other minor accused turned back, they killed him.

After this, the police arrested the woman’s son. In the interrogation, he confessed that both the murders were done by him, and the woman had also murdered the third accused in the same way as the first two people had to save her son.

It was speculated that this will remove the suspicion of the police from his son.

After 3 days of burning bodies were found dead

In the Canton area of Nagar, the bodies were found after burning for 3 days.

-The first shoe found on 27th May at the bridge of Patel Nagar. It was identified as Rishi Namdev resident of Gopalpura.

Youth came out of the house, telling the family to go to Gwalior, but how did his body be found in the fold? The police got involved in the investigation of this case.

After this, the second body was found in Khajra village on May 28. It was also burned like the first dead body.

The third dead body of Negma was also found in Negmas-29

Three killed the ransom

After confirming the murder of the dead body, senior police officials of the police were involved in the investigation.

-Ti Ashish Sapre told that when raising the deceased friends and interrogating them all the raj came out openly. They confessed 3 murders.

However, in this whole case, the main conspiracy involving women was Poonam Dubey alias Pankya.

With the help of his minor son and his friends, he did all this to stoop the ransom money.

Hemant was the victim because only in the family

In this whole story, 17 year old Hemant Sajish, the only son of office superintendent inter-minister Meena, posted in the irrigation department.

On May 18, he came out with a 40 thousand rupees to buy a bike from the house. Only after this disappeared

On the second day, the father doubted the female Poonam Dubey and his son, but the police did not take it seriously.

The policeman believed that Hemant was sensible and he himself took money from the house.

Ritik’s dead body, then confessed 3 murders

-Ti Ashish Sapre claims that after inquiring after the death of Hrithik, the accused confessed 3 murders.

-Mohila, her son and friend were made accused They admitted that the day Hemant was missing, that same day 40 thousand rupees had been snatched.

After this, his throat and hands were cut and killed, burned the body. Even after this, the accused wanted to take the ransom.

Ritik sent the student mobile to Indore, came from there, call of ransom

The woman lured Lokesh and Hrithik that without telling anything to anyone, you will also be part of the ransom amount.

-Matak Hemant’s mobile on May 23 gave to Rithi and said that reaching Indore, threatening Ant-Singh from there, that your son is in our possession.

-The youth asked for a ransom of Rs 50 lakhs, then the father gave the message yes, he took police and reached Indore. Meanwhile, the Hrithik Gun came.

Lokesh took his share of the manga to the forest and strangled

– Hrithik Gun came from Indore. His dispute has become Lokesh. Lokesh started saying that I want my share. Otherwise, I will tell the whole story to the police.

After this, the woman’s son and another friend took Lokesh on ACTIVA on 25th May to the Negma forest.

Whose strangled him and killed him with a knife and then put gasoline and set him on fire.

After this Hrithik said that you have killed two people. I will open your hand in front of everyone. After that he also removed from the way. He burnt his dead body also.

My son is alive, police proof is not evidence to tell two bones

-The father of deceased Hemant is interrogating Anant Singh police questioning. They say that the son is alive. The police have just given just two bones as evidence. This does not determine that an incident has happened with him.

He told that Hemant was wearing locket in the neck, gold in the ear, and silver curd in his hand. He had two mobile, two sim and purse. But none of this has been found.

A look at the developments

-Hemant’s death: On 18th May, the throat cut, found dead body on May 28th.

Death of Rital: A knife on the throat and chest, found dead on May 27th.

-Locesh’s death: A knife struck on the chest, found dead on May 29th.

On May 28, the police arrested the fourth friend.

-Raj open on May 29 to arrest accused’s mother and another friend

3 दिन में तीन जले शव मिले तो मची सनसनी, सामने आया ये खौफनाक सच

गुना/ भोपाल. एमपी के गुना शहर में 3 दिन से लगातार जले हुए शव मिलने से फैली सनसनी से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। दोस्ती, किडनेपिंग, पैसों में हिस्सा, राज खुलने का डर और फिर मर्डर पर मर्डर। 3 मर्डर की ऐसी ही खौफनाक स्टोरी निकल कर सामने आ रही है। क्या है मामला…

तीनों युवक के शव को जलाया गया था

-जांच में पता चला कि साक्ष्य छिपाने के लिए हत्या कर तीनों युवक के शव को जलाया गया था।

-इस पूरी वारदात में एक महिला, उसका बेटा और 1 दोस्त शामिल है। मुख्य साजिश रचने वाली एक महिला है।

-पहले उसने सिंचाई विभाग में पदस्थ ऑफिस अधीक्षक के बेटे का अपहरण करवाया और हत्या करवा दी।

-इसके बाद फिर फिरौती मांगी। जब 1 अन्य नाबालिग आरोपी पीछे हटने लगा तो उसकी हत्या करवा दी।

-इसके बाद पुलिस ने महिला के बेटे का गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में कबूला कि दोनों हत्याएं उसने की हैं तो महिला ने अपने बेटे को बचाने के लिए तीसरे आरोपी की भी उसी तरह हत्या कराई जैसे पहले दो लोगों की थी।

-उसका अंदाजा था कि इससे पुलिस का शक उसके बेटे से हट जाएगा।

3 दिन से हत्या के बाद जले शव मिल रहे थे

-नगर के कैंट क्षेत्र में 3 दिन से हत्या के बाद जले शव मिल रहे थे।

-पहला शव पटेल नगर की पुलिया में 27 मई को मिला। इसकी पहचान गोपालपुरा निवासी ऋतिक नामदेव के रूप में हुई।

-युवक परिजनों को ग्वालियर जाने की कहकर घर से निकला था, लेकिन उसका शव गुना में कैसे मिला? इस मामले की पड़ताल में पुलिस जुट गई।

-इसके बाद दूसरा शव 28 मई को खेजरा गांव में मिला। इसे भी पहले शव की तरह मारकर जलाया गया था।

-29 को तीसरा शव नेगमा के जंगल भी उसी हालत में मिला।

फिरौती के लिए तीन की जान ले ली

-हत्या कर शव को जलाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जांच में जुट गए।

-टीआई आशीष सप्रे ने बताया कि मृतक के दोस्तों को जब उठाकर पूछताछ की तो सारे राज खुलकर सामने आ गए। उन्होंने 3 हत्याएं कबूल की।

-हालांकि इस पूरे मामले में मुख्य साजिश में महिला पूनम दुबे उर्फ पक्का शामिल थी।

-उसने अपने नाबालिग बेटे और उसके दोस्तों की मदद से फिरौती की रकम ऐंठने के लिए यह सब कुछ किया था।

हेमन्त था शिकार क्योंकि परिवार में इकलौता था

-इस पूरी कहानी में सिंचाई विभाग में पदस्थ ऑफिस अधीक्षक अंतर सिंह मीना का इकलौता पुत्र 17 वर्षीय हेमन्त साजिश का शिकार हुआ।

-18 मई को वह घर से बाइक खरीदने के लिए 40 हजार रुपए लेकर निकला था। इसके बाद ही लापता हो गया।

-दूसरे दिन ही पिता ने महिला पूनम दुबे और उसके बेटे पर शक जताया, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

-पुलिस मान रही थी कि हेमन्त समझदार है और वह स्वयं ही घर से पैसे लेकर गया है।

ऋतिक का शव मिला तो 3 हत्याएं कबूल लीं

-टीआई आशीष सप्रे का दावा है कि ऋतिक का शव मिलने के बाद जब पूछताछ की गई तो आरोपियों ने 3 हत्याएं कबूल की।

-महिला, उसके पुत्र और दोस्त को आरोपी बनाया गया। इन्होंने कबूल किया कि हेमन्त जिस दिन लापता हुआ था, उसी दिन 40 हजार रुपए छीन लिए थे।

-इसके बाद उसकी गला और हाथ काटकर हत्या कर दी थी, शव को जला दिया था। इसके बाद भी आरोपी फिरौती लेना चाहते थे।

ऋतिक को छात्र का मोबाइल लेकर इंदौर भेजा, वहां से आया था फिरौती का कॉल

-महिला ने लोकेश और ऋतिक को लालच दिया कि किसी को कुछ न बताना, फिरौती की रकम में से तुम्हारा भी हिस्सा रहेगा।

-मृतक हेमन्त का मोबाइल 23 मई को ऋतिक को दिया और कहा कि इंदौर पहुंचकर वहां से अंतर सिंह को धमकी देना कि तुम्हारा बेटा हमारे कब्जे में हैं।

-युवक ने 50 लाख की फिरौती मांगी तो पिता ने मैसेज से हां कर दी, वह पुलिस लेकर इंदौर पहुंच गया। इसी बीच ऋतिक गुना आ गया।

लोकेश ने मांगा अपना हिस्सा तो जंगल में ले जाकर गला घोंट दिया

-इंदौर से ऋतिक गुना आ गया। उसका विवाद लोकेश से हो गया। लोकेश कहने लगा की मुझे अपना हिस्सा चाहिए। नहीं तो सारी कहानी पुलिस को बता दूंगा।

-इसके बाद महिला का पुत्र और एक अन्य दोस्त लोकेश को 25 मई को एक्टिवा पर बिठाकर नेगमा के जंगल में ले गए।

-वहां उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और चाकू से हमला किया फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

-इसके बाद ऋतिक ने कहा कि आपने दो लोगों की हत्याएं कर दी है। सबके सामने तुम्हारे करतूत खोल दूंगा। इसके बाद उसे भी रास्ते से हटा दिया। उसके शव भी जलाकर फेंक दिया।

मेरा बेटा जिंदा है पुलिस सबूत पेश करे दो हड्डी बताना प्रमाण नहीं

-उधर मृतक हेमन्त के पिता अंतर सिंह पुलिस के दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि बेटा जिंदा है। पुलिस ने सिर्फ प्रमाण के तौर पर सिर्फ दो हड्डी बताई है। इससे यह तय नहीं होता कि उसके साथ घटना हुई है।

-उन्होंने बताया कि हेमन्त गले में लोकेट, कान में सोने की वाली, हाथ में चांदी का कढ़ा पहने हुए था। उसके पास दो मोबाइल, दो सिम और पर्स था। लेकिन इसमें से कोई भी वस्तु नहीं मिली है।

घटनाक्रम पर एक नजर

-हेमंत की मौत: 18 मई को गला काटा, शव 28 मई को मिला।

-ऋतिक की मौत: गले और सीने पर चाकू, 27 मई को शव मिला।

-लोकेश की मौत: सीने पर चाकू मारा, शव 29 मई को मिला।

-28 मई को पुलिस ने चौथे दोस्त को गिरफ्तार किया।

-29 मई को आरोपी की मां और एक अन्य दोस्त को गिरफ्तार करने पर राज खुला।

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