Man carries dead body of girl upto 10 kms on cycle as bribe sought for ambulance

deadA Man had to carry dead body of girl upto 10 kms on cycle as bribe of Rs 800 was sought for ambulance of government hospital at Koshambi in Uttar Pradesh.

बच्ची की बॉडी को कंधे पर 10km ले गया शख्स, एंबुलेंस के लिए मांगे थे 800 रु.

यूपी में एक शख्स को अपनी भांजी की डेड बॉडी को मजबूरन कंधे पर लादकर 10 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय करना पड़ा।

कौशांबी. यहां एक शख्स को अपनी भांजी की बॉडी को मजबूरन कंधे पर लादकर 10 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय करना पड़ा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब सरकारी हॉस्पिटल से एंबुलेंस मांगी गई तो उन्होंने 800 रुपए मांगे। मामले के तूल पकड़ने पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि ओडिशा ने दाना माझी नाम का शख्स मदद न मिलने पर अपनी पत्नी की बॉडी को कंधे पर रखकर 10 किमी तक ले गया था। डॉक्टरों ने नहीं की मदद…

– मामला कौशांबी के सिराथू तहसील के मलाकसद्दी गांव का है। यहां के रहने वाले अनंत कुमार की 7 महीने की बेटी पूनम को सोमवार की सुबह अचानक उल्टी-दस्त होने लगा। उसे डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल लाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

– परिजन का कहना है, “हम लोग एंबुलेंस से अस्पताल गए थे। वापस घर जाने के लिए हमारे पास साधन नहीं था। हमने बेटी का शव घर ले जाने के लिए डॉक्टरों से मदद मांगी तो उन्होंने कोई सहायता नहीं दी।”

एंबुलेंस ड्राइवर ने मांगे 800 रुपए, दूसरे ने कहा- पेट्रोल नहीं है

– पूनम के पिता अनंत कुमार का कहना है कि जब मैं एंबुलेंस के ड्राइवर के पास गया तो उसने 800 रुपए मांगे। पैसे न होने की बात कहने पर वो शव को ले जाने को राजी नहीं हुआ।

– “इसके बाद डॉक्टरों ने मुझे शव वाहन का नंबर दिया। मैंने उस पर फोन किया तो ड्राइवर ने कहा कि वाहन में पेट्रोल नहीं है।”

– परिवार वालों के मुताबिक, इसी बीच पूनम का मामा बृजमोहन हॉस्पिटल आया। उसने अपने जीजा अनंत को रोते बिलखते देखा। इससे दुखी होकर उसने अपनी भांजी पूनम के शव को कंधे पर उठाया और साइकिल से 10 किमी दूर स्थित गांव पहुंचा।

डीएम ने डॉक्टर व एंबुलेंस ड्राइवर पर केस दर्ज करने का आदेश

– मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन सकते में आ गया। आनन-फानन डीएम ने सीएमओ डा.एसके उपाध्याय को ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और एंबुलेंस ड्राइवर पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिया।

इटावा में बेटे की बॉडी कंधे पर लेकर घर गया था पिता

– इससे पहले 3 मई को इटावा में एक शख्स को अपने 15 साल के बेटे की डेड बॉडी को सरकारी हॉस्पिटल से कंधे पर लादकर घर ले जाना पड़ा था।

– विक्टिम शख्स का आरोप था कि डॉक्‍टरों ने बॉडी को ले जाने के लिए न तो स्‍ट्रेचर और न ही एंबुलेंस मुहैया कराई।

क्या था दाना माझी का मामला?

– पिछले साल 24 अगस्त को ओडिशा के कालाहांडी के सरकारी हॉस्पिटल से एंबुलेंस और मॉर्चुरी वैन नहीं मिलने पर दाना माझी को पत्नी की डेड बॉडी मजबूरन कंधे पर लेकर जाना पड़ा था। आदिवासी कम्युनिटी के मांझी ने 6 घंटे में 10 km का रास्ता तय किया था। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी भी रोती-बिलखती साथ चल रही थी। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था।

– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बेहद गरीब माझी के पास एम्बुलेंस के पेमेंट के लिए पैसे नहीं थे और हॉस्पिटल अथॉरिटी ने मदद से इनकार कर दिया था। माझी की पत्नी अमंग देवी (42) का भवानीपटना के हॉस्पिटल में टीबी का इलाज चल रहा था, जहां उसकी मौत हो गई थी। दाना माझी ने कहा था, ”हॉस्पिटल के लोग बोले कि हमारे पास कोई गाड़ी नहीं है। मैं उनके सामने गिड़गिड़ाया और कहा कि गरीब आदमी हूं।”

– ”किसी प्राइवेट गाड़ी में पत्नी की डेड बॉडी लेकर जाने के लिए मेरे पास पैसे नहीं हैं। लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया और कहा कि हम मदद नहीं कर सकते।”

– इसके बाद माझी ने पत्नी के बॉडी को कपड़े में लपेटा और 60 km दूर अपने गांव मेलघारा जाने का फैसला कर लिया। माझी के कंधे पर पत्नी की बॉडी और बिलखती बेटी को देखकर कुछ लोगों ने इसकी खबर कलेक्टर को दी। इसके बाद माझी को एंबुलेंस मुहैया कराई गई।

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