This is my last message….bring out my dead body from Ganga (Haridwar)

suidie suidieVaranasi: Nishtha Singh, who had love married Pankaj Gupta 8 months ago sent a WhatsApp message to her girl friend “This is my last message….bring out my dead body from Ganga (Haridwar). For last two months I was hoping that everything would be normal. But now I have lost all hopes”. After this, Haridwar police was contacted and search is on to recover her body.
‘Bye, ये मेरा आखि‍री मैसेज है…मेरी लाश को गंगा (हरिद्वार) से बरामद कर लेना’
वाराणसी की नवविवाहिता ने हरिद्वार से अपनी फ्रेंड को व्हॉट्सएप पर किया सुसाइड मैसेज।
वाराणसी. काशी की एक नवविवाहिता ने सोमवार को व्हाट्सएप पर एक सुसाइड नोट भेजा है। इस मैसेज में उसने पति और ससुरालवालों पर टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए उन्हें ही खुद की मौत का जिम्मेदार बताया है। लिखा है कि उसकी लाश को हरिद्वार में गंगा नदी से बरामद कर लिया जाए।
8 महीने पहले की थी लव मैरिज
– जानकारी के मुताबिक, वाराणसी की रहने वाली निष्ठा सिंह ने नवंबर 2016 में दिल्ली के बिजली विभाग में डि‍प्टी डायरेक्टर पंकज गुप्ता से लव मैरिज की थी।
– 18 जून को वह अपने घर से लापता हो गई। परिजनों ने इंद्रापुरम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
– इसी दौरान निष्ठा ने व्हॉट्सएप पर अपने क‍िसी फ्रेंड को एक मैसेज भेजकर हरिद्वार में गंगा में कूदकर सुसाइड करने की बात कही।
– इस मैसेज के बाद पुलिस को सूचना दी गई। दिल्ली पुलिस ने तुरंत हरिद्वार पुलिस से कॉन्टेक्ट किया और निष्ठा की तलाश में जुट गई।
सुसाइड मैसेज में लिखी टॉर्चर की बात
– निष्ठा ने व्हॉट्सएप पर सेंड किए गए सुसाइड मैसेज में लिखा है, ”डि‍यर ऑल, मेरी तरफ से सबको Bye, ये मेरा आखि‍री मैसेज है। मैं पकंज गुप्ता और उसके परिवार की वजह से बहुत परेशान हूं। वो मुझे मेंटली टॉर्चर कर रहे हैं और अब तो उन्होंने मुझे घर से बाहर निकाल दिया। उन्होंने मुझे इस कंडीशन में लाकर खड़ा कर दिया, जहां से मैं कुछ सोचने-समझने की स्थि‍ति में नहीं हूं।”
– ”प‍िछले दो महीने से इसी उम्मीद में हूं कि शायद सब ठीक हो जाएगा, लेकिन अब मुझे जीने की कोई वजह नजर नहीं आती।”
– ”एक तरफ मैं अपनी जिंदगी से निराश हूं, दूसरी तरफ जब मैं अपने परिवारवालों के परेशान चेहरे देखती है तो उसे बहुत दुख होता है।”
– ”इंसाफ पाने के लिए मैंने काफी कोशिशें कर ली, लेकिन मुझे इंसाफ नहीं मिला। मुझे उम्मीद है कि मेरी मौत के बाद ऐसा हो सकेगा। मेरी लाश को हरिद्वार में गंगा नदी से बरामद कर लिया जाए।”

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