Gangster Anand Pal shot dead in encounter

gangsterJaipur: Dreaded Gangster Anand Pal was shot dead in encounter, according to Rajasthan police. He was absconding with AK 47 rifle for last two year. He was killed in an encounter at Malasar.
एके 47 राइफल के साथ गैंगस्टर ने यहां काटी थी फरारी, अब हुआ है एनकाउंटर
जयपुर/ ग्वालियर.राजस्थान समेत कई राज्यों में वांटेड कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह को एसओजी (स्पेशल आपरेशन ग्रुप) ने शनिवार देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। आनंदपाल सिंह राजस्थान में चूरू के मालासर में परिचित के पास फरारी काट रहा था। आनंदपाल के शव को जिला हॉस्पिटल में रखवाया गया है। उल्लेखनीय है कि आनंद पाल ने ग्वालियर में भी फरारी काटी थी। क्या है मामला…
राजस्थान के डीजीपी मनोज भट्ट ने बताया कि एसओजी को फरार आरोपी देवेन्द्र उर्फ गुट्ट और विक्की के हरियाणा के सिरसा में होने की सूचना मिली थी। एसओजीने आनंदपाल के दोनों भाइयों को सिरसा से पकड़ा। दोनों से पूछताछ के बाद आनंदपाल की लोकेशन चूरू के मालासर में मिली। लोकेशन के आधार पर एसओजी ने दबिश दी तो आनंदपाल ने पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ एके-47 से फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिसकर्मियों ने फायरिंग की। इसमें आनंदपाल मुठभेड़ के दौरान गोलिया लगने से मारा गया। आनंदपाल के छह गोली लगने की बात सामने आई है। डीजीपी मनोज भट्ट ने एसओजी के अफसरों जज्बे की सराहना की है। गौरतलब है कि आनंदपाल, सुभाष व श्रीवल्लभ 3 सितंबर 2015 में लाडनू से पेशी से लौटते समय पुलिस जाप्ते पर फायरिंग करके भाग गए थे। एसओजी ने सुभाष व श्रीवल्लभ को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि आनंदपाल फरार चल रहा था। आरोपी विक्की व देवेन्द्र पहले से फरार थे।
दीनदयाल नगर में 20 दिन छिपा रहा था
आनंदपाल जून 2016 में ग्वालियर के दीनदयाल नगर के एफएल सेक्टर स्थित दोस्त के मकान में करीब 20 दिन छिपकर रहा था। 15 जून को राजस्थान के नागौर से आई क्विक एक्शन टीम ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर दबिश दी थी लेकिन उससे एक घंटे पहले ही आनंदपाल इटावा निकल गया था।
क्या-क्या आरोप हैं आनंदपाल पर
आनंदपाल लूट, डकैती, गैंगवार, हत्या जैसे 24 मामलों का अपराधी था। ऐसे मामलों में राजस्थान की पुलिस को मोस्ट वांटेड क्रिमिनल आनंद पाल की तलाश थी। आनंदपाल 2006 से अपराध जगत में शामिल हुआ था। 2006 में उसने राजस्थान के डीडवाना में जीवनराम गोदारा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। गोदारा की हत्या के अलावा आनंदपाल के नाम डीडवाना में ही 13 मामले दर्ज था। जहां 8 मामलों में कोर्ट ने आनंदपाल को भगौड़ा घोषित किया हुआ था। सीकर के गोपाल फोगावट हत्याकांड को भी आनंद पाल ने ही अंजाम दिया था। गोदारा और फोगावट की हत्या करने का मामला समय-समय पर विधानसभा में गूंजता रहा है।
जेल में शाही लाइफ जीता था आनंदपाल
जेल से भागने के लिए आनंदपाल ने जेल के डिप्टी से लेकर मुख्य प्रहरी को धन-बल के प्रभाव से काबू में कर लिया था। बताया जाता है कि जेल में उसकी एक महिला सहयोगी अनुराधा भी मिलने आती थी। अजमेर हाई सिक्युरिटी जेल के सामने चाय की दुकान चलाने वाले रविकुमार रील ने अपने बयान में बताया था।

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