BJP leader Krishna Shahi murdered in Bihar city

BJP leader Krishna ShahiPATNA: The main suspect in the murder of BJP leader Krishna Shahi has been arrested, the Bihar Police said on Thursday, adding that the politician was killed for having an extra-marital affair with the suspect’s sister.
Shahi, who was head of the Bharatiya Janata Party’s commercial cell in Bihar, was murdered and his body thrown into a well in Manjha village in Gopalganj district. Police on Wednesday recovered his body.
Gopalganj Superintendent of Police Ravi Ranjan Kumar on Thursday told media that Aditya Rai, a suspect in the case, has been arrested.
“Rai told police that he was angry after he came to know about Shahi’s extra-marital affair with his sister and finally killed him by mixing pesticide in his food.”
The police superintendent said an investigation team has verified the suspect’s claims that Shahi used to visit Aditya Rai’s house late in the night.
Earlier, a man and five women were detained after Shahi’s family suspected their involvement in the murder. Shahi’s supporters also attacked the house of Rai, but police managed to control the situation.
The BJP leaders who on Wednesday had termed the murder a result of complete failure of law and order in the state refused to comment on the extra-marital affair of then leader on Thursday.
In 2011, BJP legislator Raj Kishore Kesri in Bihar was stabbed to death at his home in Purnia district by a woman who had accused the politician of raping her.

A leader of the opposition Bharatiya Janata Party (BJP) was murdered and his body thrown into a well in Bihar’s Gopalganj district, police said on Wednesday.

Krishna Shahi, who was head of the BJP’s Commercial Cell in Bihar, had been missing since late Tuesday night when he failed to return home after attending a social function.

His body was recovered from a well in Manjha village under Phulwaria Police Station in Gopalganj, a district police official Mohd. Imtiaz Ahmad said.

Police have detained for interrogation a man and five women, after the family members of Shahi suspected their involvement in the murder.

Gopalganj Superintendent of Police Ravi Ranjan Kumar said police had launched an investigation into Krishna Shahi’s murder.

Angry over the killing, Krishna Shahi’s supporters attacked the house of suspected accused Aditya Rai, but police managed to control the situation.

The BJP leaders here termed the murder of Krishna Shahi a result of complete failure of law and order in the state.

देररात भोज खाकर लौट रहे BJP लीडर की हत्या, ऐसी हालत में मिली डेडबॉडी
गोपालगंज (बिहार).भाजपा व्यवसायी मंच के प्रदेश प्रभारी कृष्णा शाही की मंगलवार की रात अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। बुधवार सुबह हथुआ थाने के मांझा बसरिया गांव के पास एक कुएं से पुलिस ने डेडबॉडी बरामद की है। इसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर उन्होंने जमकर हंगामा किया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए हथुआ और चैनपुर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दो दिन पहले फेसबुक पर किया था ये पोस्ट…
– 17 जुलाई को बीजेपी लीडर ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा था कि बेझिझक मुस्कुराओ जो भी गम है, जिंदगी में टेंशन किसको कम है, अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है, जिंदगी का नाम ही कभी ख़ुशी कभी गम है।
– बताया जाता है कि चैनपुर गांव निवासी शाही हथुआ मांझा गांव से भोज खाकर देर रात घर लौट रहे थे। इसी बीच कुछ उनकी हत्या कर दी गई। सुबह परिजन उनकी खोज में जुट गए।
– परिजन अपहरण की अाशंका जता रहे थे पर मीरगंज थानाध्यक्ष विमल कुमार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। भाजपा नेताओं के दबाव के बाद पुलिस सक्रिय हुई।
– डीएम और एसपी उनके घर जाकर जानकारी ले ही रहे थे तभी लोगों ने बताया कि उनका शव कुएं से बरामद किया गया। भोज के आयोजनकर्ता सहित 4 महिलाओं को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस मुख्यालय ने कहा-हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं
शाही की हत्या के पीछे पुरानी अदावत है या राजनीतिक रंजिश? पुलिस मुख्यालय के अनुसार अभी कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है, जो घटना के दिन शाही के साथ थे। जांच में लगे अफसर हत्या को सुनियोजित साजिश मान रहे हैं। इसमें उनके किसी परिचित या नजदीकी की भूमिका भी हो सकती है।
नरसंहार के बाद चर्चा में आया था गांव
सामूहिक नरसंहार के बाद कृष्णा शाही का चैनपुर गांव 1992 में चर्चा में आया था। माले समर्थक एक दर्जन लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। उस समय बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद थे। उन्होंने इस नरसंहार में मारे गए परिवार के लोगों से मिलकर न्याय दिलाने का वादा किया था। हुए नरसंहार के मुख्य आरोपी भाजपा नेता कृष्णा शाही के पिता मैनेजर शाही मुख्य आरोपी थे। उस समय कृष्णा शाही छोटे थे। मैनेजर शाही को भी कुछ दिन के बाद नरसंहार में मरे लोगों के परिजनों ने हत्या कर दी। जबतक कृष्णा शाही अपनी पहचान बना लिया था। उसने अपने इलाके में दबदबा कायम करने के लिए अपने पिता के हत्या का बदला लिया।
हथुआ पुलिस ने भोज के आयोजक कर्ता सहित चार महिला को लिया हिरासत में
मीरगंज पुलिस ने आदित्य राय सहित चार महिलाओं को हिरासत में लिया है। आदित्य राय के घर आयोजित श्राद्घ कर्म में शामिल होने के लिए गये थे। पुलिस ने बताया कि खाना में जहर देकर हत्या करने के बाद शव को गांव के बगल के कुआं में डाल दिया गया है। हालांकि पुलिस साफ कुछ भी बताने से कतरा रही है जब तक परिजनों द्वारा को लिखित आवेदन नहीं मिलता है तब तक कुछ भी कहना बताना पुलिस नहीं चाह रही है । इस घटना के बाद पुलिस चौकन्ना है और हर गतिविधियों पर नजर रखी हुई है।

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