Businessman, wife commit suicide due to GST

suicideSurat: In first such incident, a Businessman and his wife committed suicide due to GST. Bhajan Lal Suda from Jaisalmer was doing business in Surat. He had suffered heavy losses due to note ban and goods and services tax (GST). He and his wife plunged in a river to end their lives.
बच्चों को दुलार कर दे गए थे पॉकेटमनी, फिर नदी में कूदकर किया सुसाइड
एक दंपति तापी नदी में एक दूसरे का हाथ बांधकर कूद गए। महिला के हाथ में मेहंदी लगी हुई है।
बच्चों को दुलार कर दे गए थे पॉकेटमनी, फिर नदी में कूदकर किया सुसाइड
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सूरत.शहर की एक दंपति तापी नदी में एक दूसरे का हाथ बांधकर कूद गए। महिला के हाथ में मेहंदी लगी हुई है। दंपत्ती दरअसल जेसलमैर राजस्थान की रहने वाली है। उनकी सूरत के जय श्री राम मार्केट में भजनलाल मार्केट में दुकान थी। जानकारी के मुताबिक व्यापारी भजनलाल सूंदा नोटबंदी और जीएसटी के बाद अधिक कर्ज में आ गए। जिस वजह से उन्होंने यह फैसला किया। पूरा घटनाक्रम…
– पर्वत पाटिया के पास दर्शन रेजिडेंसी प्लाट नंबर डी – 1001 में रहने वाले भजनलाल सूंदा का चार सदस्यों वाला परिवार है। दंपत्ती की एक 16 साल की बेटी एश्वर्या, और 15 साल का बेटा है। शुक्रवार को शाम को दंपत्ती ने तापी नदी में कूद कर आत्महत्या कर दी।
– घर से निकलने से ठीक पहले पत्नी को 15 हजार रुपए, कुछ ज्वेलरी और मोबाइल थमाते हुए भजनलाल ने कहा-लो ये पैसे और मोबाइल रखो… आज मेरा अंतिम दिन है, मैं जा रहा हूं। बच्चों का ख्याल रखने को कहा इतना सुनते ही न जाने पत्नी को क्या सूझा कि वो भी पति के फैसले के साथ हो गई।
– दंपत्ती ने दोनों बच्चों को पॉकेटमनी के 200 रुपए दिए। आखरी बार दुलारते हुए जल्दी लौट आने का दिलासा देकर दंपती घर से चला गया।
– इसके दो घंटे बाद परिवार को दंपती ने ओएनजीसी ब्रिज से तापी नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली है। दूसरे दिन शनिवार दोपहर डेढ़ बजे जब शव मिले तो दोनों के एक-एक हाथ बंधे हुए थे।
– दोनों बच्चे एडम्स स्कूल में पढ़ते थे। उनकी जय श्री राम मार्केच में 225 नंबर की दुकान थी।
पत्नी हिम्मत बंधा देती
– भंवरलाल ने आखरी बार पत्नी हेमलता को संकेत में समझाना चाह रहे थे। पति की हालत से वाकिफ हेमलता पहले ही भांप गई। वो भी पति के क्षणिक भावावेश में लिए फैसले के साथ हो गई। परिजन कह रहे हैं कि काश हेमलता पति की हिम्मत बंधा देती।
किसी को भी अंदेशा हो जाता
– हेमलता ने अपने भाई राजस्थान में मनीष को आखरी बार कॉल कर कहा कि -हम बाहर जा रहे हैं, आप बच्चाें का ख्याल रखना। यह सुन हड़बड़ाए मनीष ने उधर से कॉल किया तब तक दोनों छलांग लगा चुके थे। परिवार ने खूब कोशिश की, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।

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