PhD student commits suicide due to harassment by professor

suicide meerutMeerut: A PhD student  committed suicide due to harassment by professor in the hostel of Sardar Vallabh Bhai Patel Agriculture University. In 16-page suicide note in his diary, Rahul Chaudhary (25) son of late Rajpal Chaudhary of village Oon in Shamli district has blamed Prof Rajveer Singh, who was his PhD instructor, for driving him to sucide. He has also mentioned another professor R.B. Yadav.
प्रोफेसर के उMत्पीड़न से Ph.D स्टूडेंट ने लगाई फांसी, 16 पेज का ल‍िखा सुसाइड नोट
16 पेज का सुसाइड नोट ल‍िखकर हॉस्टल के कमरे में लगा ली फांसी।
मेरठ. सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वव‍िद्यालय में पीएचडी के एक स्टूडेंट ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। उसका शव हॉस्टल के रूम में पंखे से लटका मिला। सुसाइड की इस घटना से यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया। मृतक स्टूडेंट के कमरे से उसकी डायरी में लिखा 16 पेज का सुसाइड नोट मिला है, ज‍िसमें उसने यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। आगे पढ़‍िए क्या ल‍िखा है सुसाइड नोट में…

– यूपी के शामली जिले के गांव ऊन निवासी स्व. राजपाल सिंह का बेटा राहुल चौधरी (25) कृषि विश्वव‍िद्यालय में प्रोफेसर राजबीर के निर्देशन में एग्रोनोमी में पीएचडी कर रहा था। यहां वह यूनिवर्सिटी के हरगोविंद खुराना हॉस्टल में कमरा नंबर जीएफ-9 में रह रहा था।
– सोमवार दोपहर में उसका शव उसके कमरे में पंखे से लटका मिला। कमरे से एक सुसाइड़ नोट भी मिला, जिसमें उसने आत्महत्या का कारण प्रोफेसर राजबीर द्वारा किया जा रहा उत्पीड़न लिखा है।
– सुसाइड का पता उस वक्त चला, जब केयर टेकर अविनाश ने कमरे का गेट खुलवाने के लिए आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
– उसने कमरे के पीछे से खिड़की से झांक कर देखा तो अंदर पंखे से राहुल का शव लटक रहा था। उसने तुरंत इसकी सूचना कुलपति प्रो. गया प्रसाद और अन्य अधिकारियों को दी।
– जानकारी के अनुसार, राहुल पिछले करीब एक सप्ताह से मानसिक रूप से तनाव में था। उसका शोध कार्य पूरा नहीं हो रहा था जिसके लिए वह प्रोफेसर को जिम्मेदार बता रहा था।
– सूचना पर सीओ दौराला विजय प्रकाश और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गेट तोड़कर शव बाहर निकलवाने का प्रयास किया, जिसका स्टूडेंट्स ने विरोध किया।
– बाद में पुलिस ने किसी तरह गेट तोड़कर शव को नीचे उताकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
प्रोफेसर से कहा था मर जाऊंगा सर
– राहुल की मौत पर हंगामा करने वाले स्टूडेंट्स ने कुलपति और सीओ के सामने कहा कि राहुल बेहद परेशान था। 5 दिन पहले उसने अपने एडवाइजर से कहा था, ”सर मैं बहुत परेशान हूं, मेरी मदद कर दो। मेरा शोध का कार्य पूरा कर दो, वरना मैं मर जाऊंगा।” स्टूडेंटस की मानें तो यदि प्रोफेसर उसकी बात मान लेते तो वह सुसाइड़ नहीं करता।
– राहुल ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, ”जब मैं इस यूनिर्विसटी में आया था तब बहुत खुश था। यहां आने के कुछ दिनों बाद ही पता चला कि एग्रोनॉमी विभाग में दो टीचर जाट जाति के स्टूडेंट्स को पसंद नहीं करते हैं। इनके नाम उसने डॉ. आरबी यादव और डॉ. राजबीर सिंह बताए हैं।”
भाई के लिए लिखा- मेरा सामान अपने पास रख लेना
– राहुल ने अपने छोटे भाई अंकुश के लिए सुसाइड नोट में लिखा है कि वह उसका सारा सामान अपने पास रखे ले, उसे अच्छा लगेगा। उसके कपड़े वह धोकर पहन ले, यदि उसने ये कपड़े पहने तो उसे अच्छा लगेगा।
– इसके अलावा उसने मोबाइल फोन और अन्य सामान को भी उसने अपने भाई को देने के लिए लिखा है।
– उसने अपने भाई को लिखा है कि वह गांव का मकान न बेचे,। उसे ही नया बना ले, यह मकान उनके दादा की निशानी है।
– राहुल ने अपने भाई को लिखे सुसाइड नोट में लिखा है कि वह नालायक और धोखेबाज है। अच्छा भाई अंकुश अब आप सभी मुझे मम्मी और पापा के पास जाने दो। मम्मी मेरे को अपनी गोद में सुलाने के लिए बुला रही है। अच्छा भाई आप सबको अंतिम सलाम।
– मुझे ऊपर जाकर पूरा कुनबा मिलेगा। बाबा, ताऊ, फूफा सभी मेरा इंतजार कर रहे हैं। मुझे वहां उन सभी से मिलना है।
– भाई के लिए उसने लिखा है कि उसकी अंतिम अच्छा पूरी करना उसकी आत्मा का शांति मिलेगी।
जांच के लिए कमेटी गठित
– इस पूरे मामले में हंगामे के चलते कुलपति प्रो. गया प्रसाद ने तत्काल प्रभाव से प्रोफेसर राजबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
– पूरे मामले की जांच के लिए डीएन एनएस राणा के नेतृत्व में एक 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
– प्रो. गया प्रसाद का कहना है कि कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर अगामी कार्रवाई की जाएगी। जो आरोप लगाए गए हैं उनकी गंभीरता से जांच की जाएगी।
– सीओ विजय प्रकाश का कहना है कि फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस परिजनों की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच करेगी।

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