Such telephones were used in 1947, caller could talk only for 3 minutes

smartphone smartphone2New Delhi> Such typwa od telephones were used in 1947, caller could talk only for 3 minutes.There were only 84,000 phone lines in the country at that time. Initially, phone did not have dialling facility. A caller had to first connect to telephone exchange operator and inform him as to with whom he or she wanted to talk to. Telephones were first operated from 1881 from English company in Calcutta, Madras, Mumbai and Ahmedabad. It was considered a luxuty item since only rich people could affort it. First cellular phone in India was launched in 1995 at Kolkata.
1947 में ऐसे फोन यूज करते थे लोग, 3 मिनट से ज्यादा नहीं होती थी बात
गैजेट डेस्क।आज छोटे-छोटे बच्चों के पास भी फोन होता है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब शहरों में भी इक्का- दुक्का फोन ही हुआ करते थे। हम बात कर रहे हैं आजादी के समय यानि 1947 की। 1947 में भारत में 84000 टेलिफोन लाइंस हुआ करती थी। बीएसएनएल के इंजीनियर अनिल दुबे ने बताया कि 1947 के समय CBNM फोन हुआ करते थे। जिसमें नंबर डायलिंग सिस्टम नहीं होता था। जैसे ही कॉल करने वाला फोन करने के लिए रिसीवर को उठाता था लाइट चलने लगती थी और ऑपरेटर को पता चल जाता था कि कॉल आ रहा और वो फोन को उठा लेता था। फिर ऑपरेटर को बताना पड़ता कि कहां बात करनी है और वो दूसरी जगह कॉल कनेक्ट कर देता है। तब जाकर दो लोगों के बीच बात होती थी। इसके बाद नंबर डायलिंग वाले फोन आएं जिसमें 0 नंबर डायल कर ऑपरेटर को फोन लगाकर बोलना होता था कि किस नंबर पर बात करनी है फिर वो कॉल कनेक्ट करता था।
फोन को समझा जाता था लक्जरी आयटम
टेलिफोन को बस स्टेशन, रेल्वे स्टेशन, ज्यादा पॉपुलेशन वाली जगहों पर रखा जाता था।
– उस समय फोन को जरूरत नहीं लक्जरी आयटम समझा जाता था।
– 1881 में इंग्लैंड की कंपनी ने कलकता, बॉम्बे, मद्रास और अहमदाबाद में टेलिफोन एक्सचेंज खोले थे।
– भारत में पहला सेल्यूलर फोन 31 जुलाई 1995 में कलकत्ता में लॉन्च हुआ था।
नोट- फोन में यूज हुए फोटो BSNL म्यूजियम से लिए गए हैं।

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