Again Gorakhpur BRD hospital, 42 children die in 48 hours, no action taken by Yogi govt

gorakhpurDays after alleged disruption in oxygen supply resulted in deaths of over 30 children within 48 hours at Gorakhpur’s BRD Medical College, 61 children died there in the last 72 hours, spreading panic in the hospital again.
The latest deaths were due to various ailments, including encephalitis, health complexities in newborns, pneumonia, sepsis etc, whose patients have been flooding the hospital, leading to overcrowding.
On August 27, 28 and 29, 61 deaths were recorded at the hospital — 11 in the encephalitis ward, 25 in neonatal intensive care unit (NNICU) and another 25 in the general pediatric ward.
Local doctors said the number of deaths will increase in the coming days due to heavy rainfall, floods and water-logging which foster the spread of acute encephalitis syndrome (AES).
While BRD principal Dr P K Singh did not respond to repeated calls, Dr R N Singh, a paediatrician, who has worked extensively in the field of encephalitis, said: “Insufficient homework was done to control the outspread of AES in January, and thereafter the entire machinery remained busy in the UP elections.”
“Secondly, heavy monsoon also accounts for a large number of cases among children,” Singh said, adding that measures like fogging to kill mosquitoes (JE host), de-silting, vaccination and chlorination of water were not done in time.
After the death of over 30 children on August 10 and 11, the state government increased the strength of doctors and paramedical staff in the hospital. But due to the large inflow of infected children, the wards are packed and three to four children are adjusted on one bed.
The medical college receives patients from 36 eastern UP districts and Nepal and at any given time has about 500 such patients.
गोरखपुर BRD हॉस्पिटल में फिर 48 घंटे में 42 बच्चों की मौत, इंसेफ्लाइट‍िस से 7 मरे
ऑक्‍सीजन की कमी से 30 से ज्यादा बच्‍चों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि 48 घंटों में 42 बच्‍चों की मौत होने की बात मंगलवार को सामने आई। (फाइल)
गोरखपुर. बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्‍चों की मौतों का सि‍लसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऑक्‍सीजन की कमी से 30 से ज्यादा बच्‍चों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि 48 घंटों में 42 बच्‍चों की मौत होने की बात मंगलवार को सामने आई। हालांकि, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्र‍िंस‍िपल डॉ. पीके सिंह इसे सामान्‍य मौत बता रहे हैं। उन्होंने बताया क‍ि इनमें से स‍िर्फ 7 बच्चों की मौत इंसेफ्लाइट‍िस से हुई है। बता दें कि इसी महीने बीआरडी में 5 दिन में 30 बच्चों समेत 60 लोगों की मौत हो गई थी। 28 अगस्‍त को 25 बच्‍चों की मौत हुई…

– डॉ. पीके सिंह ने बताया कि 27 अगस्‍त की रात 12 बजे तक 17 बच्‍चों की, जबक‍ि 28 अगस्‍त को 25 बच्‍चों की मौत हुई है।
– उन्होंने कहा कि 27 अगस्त की रात 12 बजे तक जो मौतें हुई हैं, उनमें से 6 एनआईसीयू में हुई हैं। वहीं 11 मौतें पीआईसीयू में हुई हैं। कुल भर्ती मरीजों की संख्‍या 27 अगस्‍त को 342 थी।
– वहीं, 28 अगस्‍त को एनआईसीयू में 10 और पीआईसीयू में 15 मौतें हुई हैं। इन 15 में 7 की मौत इंसेफ्लाइट‍िस से हुई है। 48 घंटे में इंसेफ्लाइट‍िस से मरने वाले बच्‍चों की संख्‍या महज 7 है।
इस समय क्र‍िटीकल कंडीशन में आ रहे हैं ज्यादा मरीज
– डॉ. सिंह के मुताबिक, बीआरडी मेड‍िकल कॉलेज में यूपी के अलावा ब‍िहार और नेपाल बॉर्डर के आसपास के सीर‍ियस मरीज आते हैं। इस समय अस्‍पताल में बहुत ज्‍यादा बच्‍चे आ रहे हैं।
– हॉस्प‍िटल में उनके पास कुल 344 बेड हैं, जो पूरे भरे हुए हैं। मौजूदा वक्त में यहां क्रिटिकल कंडीशन में बच्‍चे आ रहे हैं, जो आधे या एक घंटे ही सर्ववाइव कर रहे हैं। जुलाई, अगस्‍त और सितंबर में यह आंकड़ा हर साल इसी तरह से रहता है।
– ऑक्सीजन के सवाल पर डॉ. सिंह ने कहा, “ऑक्‍सीजन और दवाएं पर्याप्‍त मात्रा में उपलब्‍ध हैं। 48 घंटे में 42 बच्‍चों की मौत सामान्य है।”
क्या है गोरखपुर ट्रेजडी?
– बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में 7 अगस्त से लेकर 12 अगस्त तक 30 बच्चों समेत 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि ये मौतें हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने की वजह से हुईं।
– कहा जा रहा है कि पुष्पा सेल्स नाम की कंपनी ने पेमेंट बकाया होने की वजह से ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई रोक दी थी। कंपनी ने कहा कि हमने 14 रिमांडर भेजे, लेकिन इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने कोई एक्शन नहीं लिया।
– बच्चों की मौत के बाद कांग्रेस का एक डेलिगेशन गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। इस डेलिगेशन में राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी मौजूद थे। इस डेलिगेशन ने कहा था कि ये मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई है।
– इसके बाद यूपी के पूर्व सीएम अखि‍लेश यादव और राहुल गांधी ने भी गोरखपुर जाकर पीड़ि‍त परिवारों से मुलाकात की थी।
BRD के पूर्व प्रिंसिपल पत्नी समेत गिरफ्तार
– आॅक्सीजन की कमी के कारण 30 बच्चों की मौत के मामले में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला को पुलिस ने सोमवार रात कानपुर से गिरफ्तार किया। इससे पहले मामले में आरोपी बनाए गए डॉ. कफील खान की तलाश में एसटीएफ और पुलिस टीम ने उनके घर पर छापेमारी की। हालांकि, वे घर से गायब मिले।
– पुलिस ने मामले में मेडिकल कॉलेज के अफसर और तीन वर्कर्स को भी आरोपी बनाने के संकेत दिए हैं। साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। वे इलाहाबाद और लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच में हलफनामा दाखिल कर बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, आरोपियों को फायदा न मिले, इसके लिए सरकार भी कोर्ट में एप्लिकेशन दे सकती है।

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