Property dealer kills enire family and self

suicideJaipur: Property dealer Doongarmal Jangid killed his wife, son and daughter and then himself ended his life consuming poison in Sarvodaya Enclave Colony. He was heavily indebted which led to this extreme step.
प्रॉपर्टी कारोबारी ने बसाईं थीं कई कॉलोनियां, यूं उजाड़ लिया खुद का ही घर
जयपुर.कारोबार में घाटे और कर्ज से परेशान एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने खुद तो जान दी ही। साथ ही अपनी पत्नी, दो बेटों और एक बेटी को भी जहर पिला दिया। इनमें से छोटे बेटे के अलावा सभी की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं जिंदा बचे बेटे की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना का खुलासा भी तब हुआ, जब सुबह एक लेनदार उनके घर पैसे मांगने पहुंचा। कई कॉलोनियां बसाईं, लेकिन खुद का घर ही उजाड़ लिया…
– मामला कालावाड़ रोड स्थित सर्वोदय एनक्लेव कॉलोनी का है। मूलत: डीडवाना का रहने वाला डूंगरमल जांगिड़ पिछले 25 साल से कालवाड़ रोड पर रह रहा था। एसआई दिनेश सिंह ने बताया कि डूंगरमल ने कई रेसिडेंशियल कॉलोनीज डेवलेप की। जहां वह रहता था, वह कॉलोनी भी उसी ने बनाई थी।
– पड़ोसियों के मुताबिक, बुधवार सुबह देर तक डूंगरमल के घर से कोई बाहर नहीं निकला। पहले तो किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन पास की कॉलोनी में रहने वाली डूंगरमल की बड़ी बहन भंवरी देवी सुबह 8 बजे किसी काम से वहां आई। उन्होंने गेट खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो वे इसी कॉलोनी में रहने वाले डूंगरमल के भाई जगदीश के पास चली गई।
– सुबह करीब 9:30 बजे डूंगरमल से मिलने एक लेनदार रामबाबू पहुंचा। जब गेट खटखटाने पर उसे भी कोई जवाब नहीं मिला तो वह भी जगदीश के घर पहुंचा। जगदीश ने डूंगरमल को फोन किया, लेकिन किसी ने नहीं उठाया।
– इस पर परिजन आैर पड़ोसी डूंगरमल के घर बाहर जमा हो गए। कुछ लोग बगल के मकान की छत से होते हुए घर में घुसे। ऊपर वाले कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। जोर-जोर से दरवाजा खटखटाया तो कुछ देर बाद डूंगरमल के छोटे बेटे धर्मेंद्र ने कुंडी खोली। धर्मेंद्र की हालत खराब थी और अंदर कमरे में परिवार के बाकी मैंबर्स पड़े हुए थे।
– लोगों ने तुरंत सबको एसएमएस अस्पताल पहुंचाया, जहां पत्नी सुमन (41), और बेटी खुशी (14) खुशी को मृत घोषित कर दिया गया। 45 साल के डूंगरमल और उसके बड़े बेटे जितेन्द्र (21) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि धर्मेंद्र (16) की हालत नाजुक बनी हुई है।
फोन पर मिलती थी धमकियां
– डूंगरमल के परिजनों और परिचितों ने बताया कि उसे प्रॉपर्टी कारोबार में करीब 60 लाख का घाटा हुआ था। उसने जिन लोगों से कर्ज लिया था, वे करीब रोज ही पैसे मांगने के लिए घर आया करते थे। पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि लेनदार पैसे नहीं देने पर घर के बाहर डूंगरमल को बुलाकर धमकाते रहते थे और बुरी तरह बर्ताव करते थे। इसके अलावा जब वह घर पर नहीं मिलता तो लोग उसको फोन पर भी धमकाते थे।
– डूंगरमल ने जिन लोगों से पैसे ले रखे थे, उनको चेक दे रखे थे। लोगों ने बैंक में चेक लगाए तो बाउंस हो गए। डूंगरमल पर चेक बाउंस के भी कई मामले चल रहे हैं।
सुसाइड नोट में लिखा- महंत ने लिए पैसे, लौटा नहीं रहा, इसलिए हम 5 आदमी मर रहे हैं
डूंगरमल ने सुसाइड नोट में लिखा… मैं और परिवार के पांच आदमी आज मर रहे हैं। उसका जिम्मेदार महल योजना जगतपुरा श्रीजानकी सीताराम मंदिर का महंत विशंभरदास है। 5 साल पहले मैंने लोगों से पैसे लाकर उसे दिए थे, लेकिन वह लौटा नहीं रहा। लेनदार पीछे पड़े हैं। भगवान हमें माफ करे। मेरे पास दूसरा कोई चारा नहीं था कि लोगों को पैसे चुकाता। (अब मामले में पुलिस विशंभर से पूछताछ कर रही है।)
डूंगरमल समेत चारों मृतकों की आंखें दान
परिजनों ने डूंगरमल, उसकी पत्नी सुमन, बड़े बेटे जितेंद्र और बेटी खुशी की मौत के बाद उनकी आंखें दान कर दी।

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