Why lady IAS officer Shashi Karnawat dismissed from service?

sashi karnavatShashi Karnavat, a 1999 batch IAS officer who was under suspension since 2013, was on Monday dismissed from service for failing to provide a proper response to a showcause notice over her conviction in a graft case.
The officer was suspended after a court in Mandla district sentenced her to five years in jail in connection with a printing fraud that had caused a loss of Rs 33 lakh to the state exchequer in 1999. She was also slapped a fine of Rs 40 lakh.The state’s economic offences wing probed the case and filed the chargesheet in a special court in Mandla district which found the officer guilty under the Prevention of Corruption Act, besides relevant IPC sections.
भ्रष्टाचार की दोषी IAS अफसर शशि कर्णावत बर्खास्त, प्रिंटिंग घोटाले का आरोप
भोपाल.प्रिंटिंग घोटाले की दोषी एमपी कैडर 1999 बैच की आईएएस अफसर शशि कर्णावत को बर्खास्त कर दिया गया है। 1999-2000 में मंडला जिला पंचायत सीईओ रहते हुए 33 लाख के प्रिंटिंग घोटाले के आरोप में ईआेडब्ल्यू ने कर्णावत के खिलाफ केस दर्ज किया था। क्या है मामला…
-सितंबर 2013 में वहीं की विशेष अदालत ने कर्णावत को पांच साल जेल और 50 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।
-इसके अगले माह ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। तब से निलंबन आदेश बढ़ाया जा रहा था। -इससे पहले एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी दंपती अरविंद जोशी और टीनू जोशी को भी भ्रष्टाचार के चलते बर्खास्त किया जा चुका है।
नोटिस भेजकर मांगे जवाब, नहीं देने पर कार्रवाई
-मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक भ्रष्टाचार की दोषी पाए जाने के बाद कर्णावत को अक्टूबर 2014 में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
-इसमें पूछा गया था कि क्यों न उन्हें सेवा से हटा दिया जाए। उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया।
-इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था।
-प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग की सहमति के बाद कर्णावत से दाेबारा जवाब मांगा गया लेकिन वे सरकार के सवालों के पूर्ण उत्तर और तर्क प्रस्तुत नहीं कर पाईं।
-केवल अंतरिम उत्तर ही पेश किए। जीएडी के एक अफसर ने बताया कि कर्णावत को बर्खास्तगी आदेश तामील करा दिया गया है।

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