Muslim woman leader of BJP suspended for supporting Rohangiya Muslims

benazeerA leader of the Bharatiya Janata Party from Assam has been suspended purportedly over her Facebook post supporting Rohingya Muslim refugees, reported The Times of India. Bharatiya Janata Party Mazdoor Morcha member Benazir Arfan (pictured above; centre) claimed she had been “arbitrarily” suspended without getting the chance to explain herself.
“I being a victim of triple talaq, have all along been campaigning in support of the [Prime Minister] Narendra Modi government’s stand against triple talaq,” Arfan said. “Now my own party, with which I have been associated for many years, has spelt the talaq on me. I have been insulted and will take this issue up at the highest level of the party,” Arfan told News18.
Arfan had participated in a meeting organised by Guwahati-based non-governmental organisation United Minority Peoples Forum in in solidarity with the refugees. She had posted on Facebook asking for people’s support. On Thursday, Assam Bharatiya Janata Party General Secretary Dilip Saikia reportedly sent a letter to Arfan suspending her from the party with immediate effect.
“As this [the meeting] is against the party’s principles and ideals, BJP state president Ranjit Kumar Das has instructed the suspension and relieving her from all responsibilities of the party,” News18 quoted the letter as saying. Attempts to contact Das were futile, News18 reported.

रोहिंग्या के लिए प्रार्थना सभा कराने पर BJP नेता सस्पेंड, मोदी से मांगा इंसाफ
गुवाहटी.असम में रोहिंग्या मुसलमानों के लिए प्रार्थना सभा कराने पर बीजेपी ने महिला नेता को सस्पेंड कर दिया। उन्हें शोकॉज नोटिस भी जारी किया गया है। बेनजीर अरफान भारतीय जनता मजदूर मोर्चा की चीफ एक्जीक्यूटिव थीं। उन पर आरोप है कि दूसरे संगठन के प्रदर्शन के लिए बेनजीर ने बीजेपी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। इसके लिए पार्टी के सीनियर नेताओं से पूछा भी नहीं। राज्य में तीन तलाक खिलाफ कैंपेन चलाने वालीं बेनजीर ने कहा कि ये सिर्फ एक प्रार्थना सभा थी। मैं कभी बीजेपी में वापस नहीं लौटूंगी। नरेंद्र मोदी मेरे साथ हुई नाइंसाफी पर कार्रवाई करें। बता दें कि केंद्र सरकार ने भारत में अवैध तरीके से रहने वाले 40 हजार रोहिंग्या को वापस भेजने की बात कही है। क्या ईमानदारी का यही ईनाम है…
– बेनजीर ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा, ”अल्पसंख्यकों को एकजुट करने के लिए एक एनजीओ ने इवेंट कराया था। इसमें म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के लिए प्रार्थना की गई। पर बीजेपी लीडरशिप को लगता है कि ये भारत में अवैध तौर पर रहने वाले रोहिंग्या के लिए लॉबिंग की जा रही है। इवेंट के एक दिन पहले 16 सितंबर को मुझे सस्पेंड कर दिया गया।”
– ”मैंने ईमानदारी से बीजेपी के लिए काम किया। क्या यही इसका ईनाम है। स्टेट बीजेपी में पुरुषों की चलती है। महिला वर्कर्स को दरकिनार कर उन्हें ही जिम्मेदारियां दी जाती हैं।”
– बता दें कि बेनजीर ने 2012 में बीजेपी ज्वाइन की थी। पिछले साल जनिया सीट से असेंबली इलेक्शन लड़ा था, लेकिन चुनाव जीत नहीं पाईं। कैंपने के दौरान नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर भी नजर आई थीं।
नाइंसाफी के लिए मोदी क्या कार्रवाई करेंगे?
– बेनजीर ने आगे कहा, ”असम के बीजेपी प्रेसिडेंट रंजीत दास ही पार्टी के लिए सबसे बड़ी परेशानी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में उनके करप्शन में शामिल होने की खबरें आईं। असम में हिंदू-मुस्लिम के बीच रिश्ते दिल से जुड़े हैं, लेकिन बीजेपी की वजह से इनमें खटास आ रही है।”
– ”नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए कई स्कीम शुरू की हैं। मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि मेरे साथ हुई नाइंसाफी के लिए पीएम बीजेपी लीडरशिप के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे। मैंने नोटिस का जवाब दे दिया है। अगर सस्पेंशन हटाया भी जाता है तो दोबारा बीजेपी में नहीं जाऊंगी।”

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