Poor father throws 2 gils in river, crocodiles eat them up

crocodileBhopal: A poor father threw his 2 minor daughters gils in a river where crocodiles ate them up at Mungawali. Kamlesh Ahirwar was perturbed over poverty. He has admitted his crime.

अंधेरा होते ही पिता ने दो बेटियों को पुल से फेंका, मगरमच्छ खा गए लाश
मुंगावली/भोपाल.एमपी के मुंगावली में रहने वाले एक पिता ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर अपनी दो मासूम बेटियों को बेतवा नदी के पुल से फेंककर मार दिया। मामले में जुटी पुलिस ने जब पिता से पूछताछ की तो पूरा मामला खुला। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।क्या है मामला…

-23 अगस्त को मूडरा निवासी कमलेश अहिरवार गांव से अपनी दो बेटी रक्षा 6 साल और पूनम 3 साल को लेकर मुंगावली पहुंचा।
-घर से ही बेटियों को मारने की योजना बनाकर निकले पिता मुंगावली में दोनों बेटियों के साथ बीना जाने वाली ट्रेन में बैठा और कंजिया स्टेशन पर उतर गया।
-कंजिया स्टेशन से करीब दो किमी चलने के बाद बेतवा नदी के पुल पर पहुंचकर शाम होने का इंतजार किया।
-जैसे ही अंधेरा हुआ तो आरोपी पिता ने पहले छोटी बेटी और बाद में बड़ी बेटी को पुल से फेंक दिया और वापस जाकर पत्नी को बेटियों के गुमशुदगी की जानकारी दी।
-25 अगस्त को दोनों बेटियों की गुमशुदगी दर्ज होते ही जांच शुरू हुई। शक जब पिता पर गया और पूछताछ की तो पिता ने अपनी दोनों बेटियों को मारने की बात स्वीकार की।
-बड़ी बेटी का शव बीना पुलिस ने बरामद कर दाहसंस्कार करा दिया जबकि छोटी बेटी के शव को मगरमच्छों द्वारा खाने की बात कही जा रही है।
बड़ी बेटी का शव मिला, 3 साल की बेटी के शव को मगरमच्छों द्वारा खाने का अनुमान…
पत्नी का कहना इलाज कराने का कहकर ले गए थे
-आरोपी की पत्नी वंदना ने बताया कि उसका पति दोनों बेटियों को फोड़े फुंसी का इलाज कराने की बात कहकर ले गया था। वंदना ने बताया कि ले जाने से पहले पति ने ही दोनों बेटियों को नहलाया और कपड़े बदलें।
-जब रात को दोनों बेटियां नहीं पहुंची तो पहले रिश्तेदार के यहां होने की बात बताई थी। पत्नी ने बताया कि उसका पति डेढ़ साल के बेटे कार्तिकेय को साथ ले जाना चाह रहा था लेकिन वह रोने लगा इसलिए साथ नहीं गया।
-अब घर में चार साल की बेटी पलक और बेटा बचा है। आरोपी की सबसे बड़ी लड़की गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा दूसरी में पढ़ती थी।
चरवाहों ने देखे थे दोनों मासूमों के शव
-सागर जिले के बेतवा नदी किनारे बसे ग्राम बक्सनपुर निवासी जयशंकर लिटौरिया, रामलखन लोधी और नारायण सिंह ने बताया कि दोनों बालिकाओं के शव 25 अगस्त की शाम नदी में होने की सूचना चरवाहों ने दी थी।
-जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर शव देेखे तो तत्काल 108 पर फोन लगाकर सूचना भी दी। रात को बारिश होने से नदी का जलस्तर बढ़ गया।
-इसके चलते सुबह सिर्फ को दी तो दोनों बालिकाओं के शव नदी में तैरते हुए देखकर तत्काल शाम के समय सूचना पुलिस को दी थी।
-सुबह जब पुलिस पहुंची तो बड़ी बेटी का शव मिला सका था। बाद में शव का बीना में पीएम हुआ ।
पत्नी को आठ माह का गर्भ, रोज होते थे झगड़े
-चार बच्चे, उससे से तीन बेटियां। घर में पांचवें बच्चे के लिए पत्नी के गर्भ में 8 माह का भ्रूण। इन सब के बाद आर्थिक तंगी और पत्नी से हर दिन झगड़ा।
-23 अगस्त को सुबह से ही पिता ने बेटियों को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।
-गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने गांव पहुंचकर परिजनों के बयान लिए और ग्रामीणों से बातचीत की तो पता चला कि आरोपी और उसकी पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था।
-वहीं पूछताछ में पिता द्वारा अलग-अलग बयान देने पर पुलिस को शक हुआ। जब पुलिस ने सख्ती दिखाकर पिता से पूछताछ की तो पूरा मामला खुला।

29 दिन से गांव में था दहशत का माहौल
-गांव की दो मासूम बेटियों के लापता होने पर मल्हारगढ़ और मूडरा गांव में दहशत फैली थी कि कोई गिरोह छोटे बच्चों को पकड़कर ले जा रहा है।
-इसको लेकर क्षेत्र में अभिभावक अपने छोटे बच्चों की विशेष निगरानी करने लगे थे।
-लेकिन जैसे ही घटना का पुलिस ने पर्दाफाश किया तो आसपास के क्षेत्र में दिन भर यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
पिता ने ही पुल से फेंका था दोनों बेटियों को
दो छोटी बालिकाओं की गुमशुदगी का मामला सामने आने पर हमने थाना प्रभारी को गंभीरता पूर्वक जांच के निर्देश दिए थे। जांच में बाद पिता पर संदेह गया। जब सख्ती से पूछताछ की तो पिता ने ही दोनों बेटियों को पुल से फेंककर मारना स्वीकार किया है।
संतोष सिंह गौर, एसपी अशोकनगर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *