Daughter in law murders 3 for property worth crores

murderPolice solved the mystery behind two charred bodies found on Friday at Chandigarh Aheer village of Ramgarh tehsil in Alwar district.A woman, with the help of her brother and a servant, killed her father-in-law and mother-in-law over property dispute, police said on Saturday.
The woman, Geeta, and the servant, Vikas, were arrested. The two admitted that they killed another person, police said. “Satpal Singh Tomar and Pushpa Devi, residents of Sohna in Haryana, were involved in a property dispute with their daughter-in-law Geeta. Because of the dispute, Geeta’s husband Vipin committed suicide six months ago. Satpal denied any share of their property to Geeta after their son’s demise,” additional superintendent of police Paras Jain said in a press conference here.
“Last month, Satpal sold a property worth crores and didn’t give Geeta anything. Geeta became angry and decided to take revenge on the entire family.” Jain said Geeta plotted to kill the couple and her elder brother-in-law Pankaj Tomar, a paralytic. She roped in her brother Samardeep and servant Vikas to execute the plan.
“Geeta, Samardeep and Vikas killed Satpal, Pushpa Devi and Pankaj on September 28 by strangling them with ropes. Vikas took a car from Shubham, a resident Sohna, put the bodies in it and drove towards Alwar along with Geeta and her brother,” Jain said.
“Vikas knew that Alwar is a forest area and it would be easier to get rid of the bodies there. They put the bodies of Satpal and Pushpa in the trunk and that of Pankaj on the back seat of the car. Afraid that police might stop them at a check post, they first dumped Pankaj’s body and burnt it with petrol,” the ASP said.
“Then they entered Rajasthan and burnt the other two bodies at Chandigarh Aheer Village using petrol and cow dung cakes.”
Randheer Singh Yadav of the village saw them speeding away and noted the car number and manufacturer.
“The next day when the two charred bodies were found, Yadav gave the information to police. Car owner Shubham was tracked in Haryana,” Jain said.
“Shubham said Vikas took his car. Police detained Vikas and Geeta, but Samardeep fled. Later, the two confessed to the crime and Ramgarh police arrested both. Search for Samardeep is on.”
murderकरोड़ों की जायदाद पाने बहू ने रची साजिश, सास-ससुर और जेठ का किया ये हाल
अलवर.अलवर जिले में नौगांवा-रामगढ़ मार्ग पर गांव चंड़ीगढ़ अहीर में कंडे (उपले) के ढेर में शुक्रवार की सुबह मिले एक महिला और पुरुष के अधजली लाशों की पहचान हो गई है। शनिवार को मृतकों की पहचान 70 साल के सत्यपाल तोमर और उसकी पत्नी पुष्पा तोमर के तौर पर में हुई। ये हरियाणा के सोहना शहर में ठाकुरवाड़ा मोहल्ले के रहने वाले थे। हरियाणा पुलिस ने शनिवार को मृतक सत्यपाल के बेटे पंकज तोमर की अधजली लाश नगीना के पास से बरामद किया। पुलिस ने तीनों की हत्या कर लाश जलाने की वारदात का खुलासा कर मृतक सत्यपाल की बहू गीता तोमर और उसके सहयोगी विकास कुमार को गिरफ्तार किया है। जबकि, एक आरोपी दिल्ली का छतरपुर निवासी समरदीप फरार हो गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से वारदात में उपयोग ली गई कार समेत दूसरे सामान बरामद किए हैं।
– पुलिस के मुताबिक, बहू गीता ने 3 करोड़ रुपए की जायदाद के विवाद में ससुर सत्यपाल, सास पुष्पा और जेठ पंकज तोमर की हत्या कर उनकी लाशों को ठिकाने लगाने की वारदात कबूल की है। वारदात में गीता ने अपने भाई समरदीप और चाची ससुर के नौकर विकास कुमार की मदद ली थी।
– एएसपी पारस जैन ने बताया कि कंडों के ढेर में मिली लाशों की पहचान और वारदात के मामले में ग्रामीणों से जानकारी जुटाई गई। पता चला कि हरियाणा नंबर की काले रंग की वेंटो कार शुक्रवार सुबह 3 से 4 बजे के बीच चंडीगढ़ अहीर गांव के आसपास देखी गई। पुलिस ने काले रंग की हरियाणा नंबर की वेंटो कारों की डिटेल ली और सीसीटीवी फुटेज के जरिए कार मालिक का पता लगाया। कार मालिक सोहना के शुभम राघव से पूछताछ की। – शुभम ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली गीता का भाई समरदीप उसकी कार मांग कर ले गया था। पुलिस समरदीप के ठिकाने पर पहुंची तो वहां उसकी बहन गीता मिली। पुलिस ने गीता से समरदीप के बारे में पूछा। उसने बताया कि समरदीप सुबह से ही घर पर नहीं है।
– पूछताछ में पता चला कि गीता का ससुर सत्यपाल, सास पुष्पा और जेठ पंकज तोमर 28 सितंबर से घर से गायब हैं। पुलिस ने गीता से इन तीनों के बारे में पूछताछ की तो वह हड़बड़ा गई। पुलिस ने गीता को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की।
– इसमें गीता ने कबूल किया कि उसने अपने भाई समरदीप और चाची ससुर के नौकर विकास कुमार की मदद से गुरुवार को ससुर, सास और जेठ काे रस्सी से गलाघोंट कर मारा डाला। बाद में तीनों के लाशों के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर प्लास्टिक के कट्टों में डालकर बाथरूम में रख दिया। इसके बाद रात होने पर उसकी बेटी की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर भाई समरदीप पड़ोस में रहने वाले शुभम से कार मांगकर लाया।
– रात करीब ढाई बजे उन्होंने प्लास्टिक के कट्टों में बंधे सास-ससुर के लाशों को कार की डिक्की और जेठ की लाश वाले तीसरे कट्टे को पिछली सीट पर रख दिया। वह कार की अगली सीट पर और विकास पीछे की सीट पर बैठा। – समरदीप ने कार चलाई। वे तीनों लाशों को ठिकाने लगाने के लिए घर से निकल गए। रास्ते में पुलिस चैकिंग से बचने के लिए उन्होंने कार की पिछली सीट पर रखे पंकज के लाश को नगीना थाना इलाके में सड़क किनारे फेंक दिया और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
– इसके बाद वे राजस्थान में रामगढ़ क्षेत्र में आ गए। यहां उन्होंने चंड़ीगढ़ अहीर गांव में सड़क किनारे उपलों का बटेवड़ा देखा। इन उपलों के ढेर पर उन्होंने सास-ससुर की लाश रख दी और पेट्रोल छिड़ककर बटेवड़े में आग लगा दी। इसके बाद वे वापस सोहना चले गए।
7 महीने पहले पति ने कर ली थी आत्महत्या
– पुलिस के मुताबिक, गीता का कहना था कि उसके पति विपिन ने 5 मार्च 2017 को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस बात को लेकर उससे सास-ससुर और जेठ झगड़ा करते थे। साथ ही पुलिस में एक-दूसरे की शिकायत होती रहती थी।
– ससुर सत्यपाल के पास करीब 8 करोड़ रुपए की कुल प्रॉपर्टी थी। इस प्रॉपर्टी में सत्यपाल अपनी बहू को हिस्सा नहीं देना चाहता था जबकि, गीता इसमें 3 करोड़ की प्रॉपर्टी अपनी मानती थी। इस बात पर बहू और ससुर में कई बार विवाद भी हुआ था। वहीं, गीता अपने पति की मौत का कारण सास-ससुर को मानती थी। इन्हीं कारणों से गीता ने अपने भाई समरदीप के साथ मिलकर सास-ससुर और जेठ की हत्या की साजिश रची।
पहले सास, फिर जेठ व ससुर को लगाया ठिकाने
– पुलिस के मुताबिक, गीता ने कबूल किया कि उसने भाई समरदीप के साथ मिलकर 27 सितंबर को सास-ससुर और जेठ की हत्या करने की फाइनल प्लानिंग की। ससुर सत्यपाल 27 सितंबर को सुबह घर से घूमने निकल गया। सास पुष्पा घर में अकेली थी, तब करीब 9.30 बजे समरदीप और विकास मकान के निचले हिस्से में आकर छिप गए और पुष्पा को पकड़कर रस्सी से उसका गला घोट दिया।
– पुष्पा की मौत होने पर उसका लाश उन्होंने बाथरूम में रख दिया। इसके बाद इसी तरह उन्होंने जेठ पंकज की रस्सी से गलाघोंट कर हत्या कर दी और उसका लाश भी बाथरूम में रख दिया। बाद में जब ससुर सत्यपाल घर आया, तो उन्होंने उसकी भी हत्या कर दी।
बर्बाद हो गया रिटायर्ड फौजी का पूरा परिवार
– सत्यपाल के परिवार में उसकी पत्नी, एक बेटी, दो बेटे पंकज और विपिन थे। सत्यपाल ने तीनों की शादी कर दी। बड़े बेटे पंकज का करीब 8 साल पहले एक्सीडेंट हो गया। इससे वह विकलांग हो गया।
– इस पर पंकज से उसकी पत्नी ने तलाक ले लिया। विपिन की गीता से शादी हुई। गीता की एक बेटी है। सात महीने पहले पिता से बेटे विपिन का प्रॉपर्टी बंटवारे को लेकर विवाद हो गया, तो विपिन ने फांसी लाकर खुदकुशी कर ली। इसके बाद गीता अपनी बेटी चिंकी के साथ ससुर के मकान में ऊपरी मंजिल पर अलग रहने लगी।
– गीता का भी प्रॉपर्टी बंटवारे को लेकर ससुर से विवाद शुरू हो गया। यह विवाद तीन लोगों की हत्या तक जा पहुंचा। इससे सत्यपाल का पूरा परिवार बर्बाद हो गया। सत्यपाल रिटायर्ड फौजी था।

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