Hindu girl embraces Islam in Rajasthan, court sends her to in-laws’ house

hindu girl islamJodhpur: A 22-year-old Hindu woman who appeared in a burqa in the Rajasthan High Court yesterday and declared that she had married a Muslim. She was allowed by the court to live with his husband as per her wish. Payal Sanghvi’s family has alleged that she was kidnapped and blackmailed, adding that her marriage certificate was forged.
Judges Gopal Krishna Vyas and Manoj Kumar Garg questioned the state government on its handling of religious conversions and whether there is any law regulating them in Rajasthan.
The court was hearing a petition by Payal Sanghvi’s brother, Chirag Sanghvi, who says his sister went missing on October 25 from their home. He told the court that when he went to the police, he was told that his sister had declared in writing that she had married one Faiz Mohammad in April.
When the police refused to register his complaint, the family went to the court.
Responding to court summons, the police on Wednesday brought Payal, who said she had appeared “of her own free will”. Her family’s lawyers, however, allege that she was being blackmailed and her nikaah nama or marriage contract was forged. How could she have converted to Islam in April, the family argued, when she had been living at home as Payal Sanghvi till October 25.
Berating the police over their handling of the case, the court directed them to register a case and submit a report.
rajasthan high court
The Rajasthan High Court asked the state if there is any law regulating religious conversion in Rajasthan
The judges questioned how the police could assume that the woman’s conversion was legal “just by way of an affidavit over a stamp paper of Rs. 10”, when there was no provision in law. “By this way, tomorrow, even I could address myself as Gopal Mohammad,” said Justice Gopal Krishna Vyas.
The court then said Payal would be sent to a hostel, where she would be provided with all facilities until the next hearing on November 7, Tuesday. The police have been asked to ensure no one tries to meet her.
Faiz Mohammad, the man Payal told the court was her husband, has now been charged with “kidnapping and wrongful confinement”.
Payal’s brother alleges in his petition that Faiz Mohammad had been harassing his sister for some time and kidnapped her while she was going to college. He also alleges that she was blackmailed and forced to sign some papers and fake marriage documents were prepared.
“This is a clear case of ‘love jihad’,” said the family’s lawyer Gokulesh Bohra, referring to the term used by right-wing groups to describe their allegation that Hindu women are lured into conversion and marriage by Muslim men.
The case comes in the backdrop of the controversy over Hadiya, a 24-year-old Kerala woman who converted to Islam and married a Muslim. Her marriage has been challenged in court by her father, who alleged that it was a form of recruitment by ISIS that is gaining currency in Kerala.
लड़की ने धर्म बदलकर शादी के बाद चुना ससुराल, पिता बोला- मेरी बेटी तो उड़ गई
जोधपुर. शहर की एक लड़की के धर्म परिवर्तन कर शादी करने के मामले में पिटिशन पर मंगलवार को सुनवाई हुई। कड़ी सुरक्षा में लड़की को कोर्ट रूम में पेश किया, जहां उसकी इच्छा के मुताबिक, उसके ससुराल भेज दिया गया। इस पर लड़की के पिता का कहना था कि कि मेरी बेटी तो उड़ गई, लेकिन हूं तो उसका पिता, इसीलिए चिंता है कि कहीं मेरी बेटी के साथ अनहोनी न हो जाए, कहीं उसे दुबई ले जाकर बेच न दें। जानें क्या है पूरा मामला…
– बता दें कि जोधपुर के नरपत नगर में रहने वाली पायल सिंघवी ने छह माह पूर्व गुपचुप तरीके से अपना धर्म बदल कर आरिफा बन गई और उसने फैयाज मोदी से निकाह कर लिया।
– इसके बाद वह अपने परिजनों के साथ ही रही, लेकिन कुछ दिन पूर्व वह अपने पति फैयाज के साथ गायब हो गई। इसके बाद युवती के परिजनों को अपनी पुत्री के निकाह कर लेने के बारे में पता चला।
– इसके बाद उनकी तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने महज दस रुपए के शपथ पत्र के माध्यम से धर्म परिवर्तन करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
कोर्ट ने पूछा तो कहा- पति के साथ जाना चाहती है
– सुनवाई के शुरुआत में ही जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास व मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ ने जांच अधिकारी से पूछा, कि निकाहनामा की जांच की और गवाहों के बयान लिए।
– इस पर जांच अधिकारी ने कहा कि गवाहों के बयान ले लिए, निकाह के समय वे ही मौजूद थे। इस बीच युवक फैज मोहम्मद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश बोड़ा ने पैरवी शुरू की तो कोर्ट ने पूछा कि क्या आपने रिप्लाई पेश किया।
– इस पर बोड़ा ने कहा, कि उन्हें पिटीशन की कॉपी ही नहीं दी गई। उन्होंने काॅपी के लिए काफी आग्रह किया, लेकिन प्रति नहीं मिली। कोर्ट ने पिटीशनर और सरकार को तुरंत कॉपी मुहैया करवाने के निर्देश दिए।
– बोड़ा ने कोर्ट से आग्रह किया, कि लड़की बालिग है और उसे नारी निकेतन कैसे भेज दिया गया? इस पर कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, कि वह कोर्ट में अकेली आई थी, उसके साथ कोई नहीं था और उसी की इच्छा के अनुरूप उसे नारी निकेतन भेजा गया। हमने उसे पूछा भी क्या वकील चाहिए।
– कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, कि लड़की बालिग है और उसकी इच्छा सर्वोपरि है। वह किसी के भी साथ जाने के लिए स्वतंत्र है।
– इस पर बोड़ा ने कहा कि लड़की से मिलने के लिए समय दिया जाए, ताकि हम उसकी इच्छा जान सकें। इस पर कोर्ट ने पांच मिनट का समय दिया। लड़की से मिलने पर उसने अपने पति के साथ जाने की इच्छा जताई।
– इस पर अधिवक्ता बोड़ा ने कोर्ट के समक्ष मेंशन किया कि लड़की पति के साथ जाना चाहती है। कोर्ट ने लड़की को बुलाया और पूछा तो उसने बताया, कि वह पति के साथ जाना चाहती है।
– कोर्ट ने कहा, पति तो उसका यहां नहीं है तो उसने बताया, कि उसे ससुराल भेज दिया जाए। इस पर कोर्ट ने पुलिस को सुरक्षा के साथ उसकी इच्छा के अनुसार भेजने के आदेश दिए।
– हालांकि, युवक के अधिवक्ता को पिटीशन की प्रति नहीं मिलने के कारण बिना नियम और प्रक्रिया अपनाए धर्म परिवर्तन हो सकता है अथवा नहीं, इस सवाल पर बहस नहीं हो पाई। अब इस पर बुधवार को बहस होगी। हालांकि सरकार की ओर से जवाब दे दिया गया है कि राजस्थान धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2008 बनाया गया था, लेकिन वह अभी तक लागू नहीं हो पाया है।
पिता ने कहा- बेटी की सरकारी अस्पताल में मानसिक जांच करवाएं
– लड़की पायल सिंघवी उर्फ आरिफा के पिता ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी बेटी की सरकारी अस्पताल में मानसिक जांच करवाई जानी चाहिए। उनकी बेटी ने तो धर्म परिवर्तन कर निकाह कर लिया, लेकिन किसी और की बेटी के साथ ऐसा नहीं हो, इसीलिए हाईकोर्ट में गुहार की है कि धर्म परिवर्तन को लेकर कानून होना आवश्यक है।
– उन्होंने कहा, कि मेरी बेटी तो उड़ गई, लेकिन हूं तो उसका पिता, इसीलिए चिंता है कि कहीं मेरी बेटी के साथ अनहोनी न हो जाए, कहीं उसे दुबई ले जाकर बेच न दें। वहीं लड़की की मां लगातार रोए जा रही थी।
कड़ी सिक्युरिटी में कोर्ट ने भेजा ससुराल
– एेहतियात के तौर पर पुलिस लड़की को कोर्ट के पिछले रास्ते से लेकर गई। जिस गाड़ी में लड़की को ले जाया गया, उसके आगे और पीछे पुलिस की अन्य गाड़ियां भी थीं।
– वहीं सरकार की ओर से एएजी एसके व्यास ने कोर्ट को बताया कि प्रतापनगर पुलिस ने निकाहनामा व अन्य दस्तावेज की पड़ताल की और अब अनुसंधान भी उच्चाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
– उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2008 बनाया गया था, जो अभी पेंडिंग है, जिसे लेकर सरकार गंभीरता दिखाएगी।
– इस पर कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, कि हमने तो जांच अधिकारी बदलने का कहा ही नहीं था, फिर जांच क्यों बदली गई? बिना नियम और प्रक्रिया अपनाए धर्म परिवर्तन हो सकता है अथवा नहीं, इस सवाल पर बुधवार को बहस होगी। याचिकाकर्ता चिराग सिंघवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर सिंघवी व अधिवक्ता नीलकमल बोहरा ने पैरवी की।

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