Rail engine “Akbar” worked in over 400 films meet with accident

engineRewari> Retired steam engine 7161 WP “Akbar” which has worked in over 400 films meet with accident. The films include Bhag Milkha Bhag, Veer Zara, Rang De Basanti, Gadar, Sultan etc. Its daily charge is Rs. 4 lakh. On Saturday it met with accident when being lighten up. Its brake broke and the engine ran without control. Its crew jumped out to save their lives. However, a big mishap was averted with the engine came to stop after derailment. In its haydays, the engine used to haul trains between Delhi and Kolkata.
40 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग में दौड़ चुका ‘अकबर’, 4 लाख है डेली का चार्ज
लोकोशेड में अकबर के साथ फिल्म सुल्तान के अलावा कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।
रेवाड़ी। देश के एकमात्र हैरिटेज रेवाड़ी लोकोशेड में बॉलीवुड की 40 से ज्यादा फिल्मों में शामिल रहने वाला स्टीम इंजन 7161 डब्ल्यू-पी ‘अकबर’ शनिवार को दुर्घनाग्रस्त हो गया। हादसा उस वक्त हुआ जब इंजन को स्टार्ट किया जा रहा था, तभी स्पीड कंट्रोलर खराब हो गया और वह बेकाबू होकर भागने लगा। दरअसल, दोपहर करीब 12 बजे अधिकारियों के दौरे के लिए लाइट-अप (स्टार्ट) किया जाना था। जैसे ही अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उसे स्टार्ट किया गया पर स्पीड कंट्रोलर खराब होने के कारण वह अनियंत्रति होकर लोको गेट तोड़कर पटरियों पर दौड़ पड़ा। इंजन में मौजूद रेलवे कर्मचारी ने ऐसे बचाई जान…
– इंजन में मौजूद ड्राइवर सहयोगी ने गेट टूटने से पहले ही कूदकर अपनी जान बचाई। इसके बाद इंजन करीब दो किमी दूर जाकर हिसार क्रास-लाइन पर स्लीपर टूटने के कारण बेपटरी होकर रुक गया। जिससे बड़ा हादसा टल गया।
– इंजन के बेपटरी होकर रुकने की सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे दिल्ली मंडल अधिकारियों को सूचना दी गई। जिसके बाद शाम के समय दिल्ली से क्रेन मंगाई गई समाचार लिखे जाने तक इंजन को वापस पटरी पर लाने का काम जारी रहा। हालांकि रेलवे द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
– लोको फोरमैन गणपत ने बताया कि स्टीम इंजन के बेपटरी होने के बाद दिल्ली मंडल अधिकारियों को सूचना दी गई।
अकबर के साथ सुल्तान से भाग मिल्खा भाग तक की शूटिंग
– लोकोशेड में अकबर के साथ फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’, वीर जारा, रंग दे बंसती, गदर, गुरु और लव, सुल्तान समेत करीब छोटी बड़ी 40 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग हो चुकी हे।
– रेलवे अधिकारी के अनुसार डब्ल्यूपी/पी इंजन के साथ चार कोच वाली ट्रेन के एक दिन इस्तेमाल पर रेलवे को 4 लाख रुपए की आमदनी होती है।
– नॉर्दन रेलवे के एक और अधिकारी ने बताया, ‘फिल्मों के जरिए लोको शेड के मेंटेनेंस का खर्चा भी निकल रहा है।’ यह लोको इंजन दिल्ली-कोलकाता मेन लाइन के बीच चलाया जाता था।
2002 में लोको शेड बना
– रेवाड़ी का लोकोशेड 1893 में स्टीम इंजन के रखरखाव के लिए विकसित किया गया। यह उस वक्त बांबे बड़ौदा सेंट्रल रेलवे का हिस्सा था। यहां 500 मेंटीनेंस स्टाफ कार्यरत की तैनाती थी।
– यहां से दिल्ली, बठिंडा, चुरू और फुलेरा के लिए रेलगाड़ियां जाती थीं। 14 अगस्त 2002 को तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने रेवाड़ी स्टीम शेड को हेरिटेज शेड का दर्जा प्रदान किया था।

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