Which terror group attacked Egypt mosque killing 235 people

blastCAIRO — Militants detonated a bomb inside a crowded mosque on Friday and then sprayed gunfire on panicked worshipers as they fled the building, killing at least 235 people and wounding at least 109 others. Officials called it the deadliest terrorist attack in Egypt’s modern history.
The scale and ruthlessness of the assault, in an area of the Sinai Peninsula racked by an Islamist insurgency, sent shock waves across the nation — not just for the number of deaths but also for the choice of target. Attacks on mosques are rare in Egypt, where the Islamic State has targeted Coptic Christian churches and pilgrims but avoided Muslim places of worship.
The attack injected a new element into Egypt’s struggle with militants because most of the victims were Sufi Muslims, who practice a mystical form of Islam that the Islamic State and other Sunni extremist groups deem heretical. And it underscored the failure of President Abdel Fattah el-Sisi, who has insisted he needs to crush political opposition to combat the threat of Islamist militancy, to deliver on his promises of security to Egyptians.
“The scene was horrific,” said Ibrahim Sheteewi, a resident of Bir al-Abed, the north Sinai town where the attack took place. “The bodies were scattered on the ground outside the mosque. I hope God punishes them for this.”
A Sinai police officer said the dead included at least 15 children. A witness put the toll even higher, saying he had helped gather the bodies of 25 children.
मिस्र की मस्जिद में ब्लास्ट, बचकर भागते लोगों पर भी फायरिंग; 235 की मौत
काहिरा. मिस्र के नॉर्थ सिनाई इलाके में मौजूद एक मस्जिद में शुक्रवार को आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने जुमे की नमाज अदा करने आए लोगों को निशाना बनाकर ब्लास्ट किया। धमाके के बाद जब लोगों ने भागने की कोशिश की तो गाड़ियों में आए हमलावरों ने उन पर फायरिंग भी की। इस हमले में 235 लोग मारे गए। सौ से ज्यादा घायल हो गए। किसी भी आतंकी ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह मिस्र के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है।

कैसे हुआ हमला?
– हमला मिस्र के अल अरिश शहर की अल-रावदा मस्जिद पर हुआ। MENA स्टेट न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ‘”मस्जिद के पास बम प्लांट किया गया था। धमाके के बाद जब लोगों ने बचकर भागने की कोशिश की तो बाहर सड़क किनारे खड़ी चार गाड़ियों में बैठे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी।”
किन लोगों को निशाना बनाया गया?
– मिस्र के मसरिया टीवी स्टेशन के मुताबिक, जिस मस्जिद को निशाना बनाया गया, वह सूफी संत शेख ईद अल जरीरी की जन्मभूमि है। यहां सूफीवाद को मानने वाले लोग नमाज अदा करने आते थे। इन सूफियों को मिस्र के आतंकी संगठन इस्लाम विरोधी मानते हैं।
– हमले के बाद मिस्र की सरकार ने 3 दिन के शोक का एलान किया। प्रेसिडेंट अब्देल फतह अल-सीसी ने इस घटना पर चर्चा के लिए इमरजेंसी मीटिंग बुलाई।
2011 के बाद बढ़े हमले
– जनवरी 2011 में पूर्व प्रेसिडेंट होस्नी मुबारक का शासन खत्म होने के बाद से ही नॉर्थ सिनाई इलाके में हमले बढ़ गए थे। पूर्व इस्लामिस्ट प्रेसिडेंट मोहम्मद मुर्सी के निष्कासन के बाद पुलिस और मिलिट्री पर हमले और तेज हो गए।
– तब से अब तक मिस्र में 700 से ज्यादा सिक्युरिटी पर्सनल्स ने जान गंवाई है। 2014 में यहां सुसाइड बॉम्बिंग की घटना में 31 सैनिक मारे गए थे। इसके बाद प्रेसिडेंट अल-सीसी ने पेनिन्सुइला में स्टेट ऑफ इमरजेंसी का एलान तक कर दिया था।
हमले का शक किस पर?
– मिस्र के सिनाई प्रांत में कई आतंकी सक्रिय हैं। ये काहिरा और आसपास के शहरों में लगातार हमले करते रहे हैं। ये आईएसआईएस से जुड़े हैं। इन आतंकियों ने ही रूस के एक प्लेन को गिराने की जिम्मेदारी ली थी। माना जाता है कि सिनाई में मौजूद आतंकियों की तादाद 1000 से 1500 के बीच है।

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