Man rapes dead body of sister-in-law after murdering her

murderAjmer: According to police, on November 28, the accused entered the woman’s house in the absence of her husband. He forced a cloth around her neck and tried to rape her. When the woman protested, the accused killed her and then abused her body.
He then fled from the spot. Police on Friday arrested accused Raju Udaniya, and got his custody from court. Yogesh Kumar, resident of Diggi Bazaar, gave a complaint on November 29 that he got a call that his sister Durga Udaniya (32) had died and the body was sent for post-mortem. He stated in his complaint that when he went to see his sister’s body at JLN Hospital, there were scars and scratches on her neck and blood in her nose. He suspected that she was murdered and, thus, registered a case .
भाभी को गंदे काम के लिए मजबूर करता था देवर, हत्या कर शव के साथ किया ये
अजमेर. सुभाष नगर इलाके में दुर्गादेवी हत्याकांड से पुलिस ने पर्दा हटाया तो इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला कुकृत्य सामने आया है। आरोपी युवक मृतका का देवर है, वह जीते-जी भाभी का शरीर हासिल नहीं कर पाया तो उसने गला घोंटकर भाभी की हत्या कर दी और शव के साथ अपनी हवस मिटाई। आरोपी का शातिराना अंदाज यह रहा कि हत्या करने के बाद वह अन्य परिजनों की तरह भाभी की अंत्येष्टि में भी शामिल हुआ और पुलिस कार्रवाई में भी मौजूद रहा। वारदात के चौबीस घंटे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर केस को सुलझा लिया है है।

शरीर पाने के लिए ले ली जान
– दुर्गा देवी की हत्या हुई थी और उसको जान से मारने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका देवर राजू उदेनिया निकला। हवस में अंधे देवर के मंसूबे कई दिनों से ठीक नहीं थे। वो अपनी भाभी को संबंध बनाने के लिए कई दिनों से बाध्य कर रहा था।
– 27 नवम्बर की रात को भी मोबाइल के जरिये उसने दुर्गा देवी से संपर्क करने की कोशिश की। 28 नवम्बर को जब दुर्गा का पति और ननद काम पर चले गए तब घर मे भाभी को अकेला पाकर उसने जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। जब वह कामयाब नहीं हुआ तो उसने भाभी का गला अपने हाथों से घोंट दिया।
– इतने पर भी राजू शांत नही हुआ और ना ही उसके सिर से हवस का नशा उतरा। उसने अपनी भाभी के मृत शरीर से संबंध बनाए। आरोपी राजू मृतका का सगा देवर नहीं है। वह मृतका के पति का चचेरा भाई था।
– माता- पिता की मौत के बाद राजू अपने रिश्तेदारों के घर पर ही रहता था। पिछले ढाई साल से वह दुर्गा के घर भी कभी कभार रह लिया करता था।
– राजू दिहाड़ी मजदूरी करता है और अनमैरिड है। कुछ दिनों से तीन बच्चों की मां भाभी पर उसकी गंदी नजर थी। अपनी मंशा पूरी करने के लिए उसने कई बार भाभी को अपने जाल में फांसने की कोशिश की। दुर्गा देवी ने देवर की मंशा का कभी भी जिक्र अपने पति से नहीं किया।
घरवालों को गुमराह करने का किया था प्रयास
– जानकारी के अनुसार 28 नवम्बर को सुभाषनगर स्थित सुंदर नगर में दुर्गा देवी नाम की महिला की मौत हो गई थी। पति बुधराज की सूचना पर महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
– घरवालों ने बयान दिया था कि दुर्गा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पुलिस महिला की मौत को आत्महत्या ही मानकर चल रही थी। महिला के गले और अन्य जगह खरोंच के निशान और नाक से खून के रिसाव से मामला संदेह के घेरे में गया था।
– एसपी राजेन्द्र सिंह चौधरी के आदेश पर आइपीएस मोनिका सेन, थाना प्रभारी अजयकांत रतूड़ी, अलवर गेट थाना इंचार्ज हरिपाल सिंह और अन्य अधिकारियों ने शव का मुआयना किया और घटनास्थल की बारीकी से जांच की तो सामने आया कि मामला आत्महत्या का नहीं, बल्कि हत्या का है। इस दिशा में पुलिस ने तहकीकात की। मृतका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से अहम सुराग हाथ लगे। घटना से पूर्व रात को उससे तीन बार बातचीत करने वाला और कोई नहीं उसका चचेरा देवर राजू था। पुलिस ने इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई।
– राजू की मोबाइल लोकेशन सुबह साढ़े 9 से साढ़े 10 बजे भी उस वक़्त वहीं पाई गई जब दुर्गा देवी की हत्या की गई।
– इसके बाद जब उससे पूछताछ की गई तब उसकी आंख और गले पर चोट के निशान देख जांच टीम ने सब भांप लिया। पुलिसिया पूछताछ में राजू टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
शुरुआत में देवर की करतूत का विरोध करती तो बच सकती थी जान
– देवर की करतूत को सहन करने की कीमत दुर्गा देवी को अपनी जान गवांकर चुकानी पड़ी। आरोपी को उसके किये की सजा भुगतनी होगी।
– मगर उन तीन मासूमों का क्या जिनके सिर से मां का साया छीन गया। मामले में सामने आया है कि आरोपी राजू पिछले कई दिनों से मृतका को जाल में फांसने की कोशिश में था, लेकिन मृतका ने पति या अन्य किसी परिजन से यह बात नहीं बताई थी। माना जा रहा है कि वह समय रहते आरोपी की मंशा को जगजाहिर कर देती तो शायद वह बच सकती थी।

टीमवर्क के कारण ही मिली कामयाबी
– एसपी राजेन्द्र सिंह चौधरी के निर्देश पर महिला की संदिग्ध मौत के मामले में गहनता से जांच संभव हो सकी।
– आइपीएस मोनिका सेन के नेतृत्व में रामगंज थाना प्रभारी अजयकांत रतूड़ी, एसआई यूनुस खां, एएसआई बलदेव राम, मुकेश, हैडकांस्टेबल पवन कुमार, कांस्टेबल बाबूलाल और साइबर सैल के हैड कांस्टेबल जगमाल दाहिमा, सुनील मील, रणवीर सिंह, देवेन्द्र सिंह, आशिष गहलोत ने टीम वर्क का प्रदर्शन कर हत्या के मामले को खोलने में सफलता हासिल की।

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