Sex CD fame Chief Khalsa Deewan Chadhha’s son commits suicide

suicideAmritsar, January 5: Son of former Chief Khalsa Diwan (CKD) president Charanjit Singh Chadha, who was expelled from the body after being booked in a sexual harassment case, allegedly shot himself dead on Wednesday with his licensed weapon.
He was rushed to a private hospital where the doctors declared him dead.
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Senior police officials reached his residence for carrying out investigations. Inderpreet was former vice-president of the CKD charitable society.
He was booked on charges of criminal intimidation. The case was registered after a video went viral on social media. Later, the school principal lodged a complaint with the police.
The principal had accused Chadha of misusing his position and “compelling her to have physical relations”. “When I refused, he threatened me,” the woman said. She added that Inderpreet threatened her on the phone.
Inderpreet, who was also booked in the case, appeared before a police investigation team on Tuesday.
Chadha and his son were expelled from the primary membership of the society.
However, he had got the interim bail from local court which had asked him to join the investigations. Yesterday, he had appeared before the special investigation team headed by ADCP Harjit Singh Dhaliwal formed by police commissioner to probe the case.
Amrik Singh Powar, Deputy Commissioner of Police, said Inderpreet committed suicide in his Toyota Fortuner by shooting himself in the head at Ajnala road here.
A close friend of the family said Inderpreet had asked his father to resign from CKD after his video surfaced on social media. He was also under pressure due to some family feud.
सुसाइड नोट में बेटे ने लिखा- भाई करना चाहता है फैमिली बर्बाद, लेकिन उसे माफ करें
अमृतसर. चीफ खालसा दीवान के पूर्व प्रधान चरणजीत सिंह चड्ढा के होटल कारोबारी बेटे इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा (52) ने बुधवार को माथे पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पिता का अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद से वे तनाव में थे। इस मामले में एसआईटी उनसे पूछताछ कर चुकी थी। पिता-पुत्र पर गैरजमानती केस भी दर्ज हुआ था। कार में रखे बैग से मिले सुसाइड नोट में उन्हाेंने पिता का वीडियो वायरल होने से परिवार की बदनामी और बिजनेस में धाेखे को जान देने की वजह बताया है।
– चड्ढा की लाश का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवार काे सौंप दी। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर को किया जाना है, क्योंकि उनके दो बेटे कैनेडा में रहते हैं, जो कि अभी तक भारत नहीं पहुंचे हैं।
– उनकी फ्लाइट शुक्रवार सुबह तक अमृतसर पहुंचेगी। इसके बाद ही संस्कार किया जाएगा। इसके अलावा यह भी कोशिश हो रही थी कि किसी तरह चरणजीत सिंह चड्ढा भी बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकंे।
– फिलहाल अदालत ने चरणजीत सिंह चड्ढा को अग्रिम जमानत दे दी है, जो कि 10 जनवरी तक मान्य होगी। इस समय तक उनकी गिरफ्तारी पर स्टे हो गया है।
– वह इससे पहले दिल्ली में थे। जमानत स्टे होने की सूचना मिलने के बाद चरणजीत सिंह चड्ढा भी दिल्ली से अमृतसर के लिए निकल पड़े थे और देर रात वह घर पहुंच गए।
इंद्रप्रीत ने अपनी खुदकुशी का जिम्मेदार कई लाेगों को बताया है, जिनका उन्होंने सुसाइड नोट में एक-एक करके जिक्र किया है
सुरजीत सिंह:

सुरजीत सिंह एक व्यापारी है, जो कि इंद्रप्रीत सिंह के साथ उनके लाॅरेंस रोड स्थित हंबल ऊना होटल में भागीदार है। इंद्रप्रीत ने लिखा है कि सुरजीत सिंह उसे ब्लैकमेल करता था। सुरजीत सिंह ने सीए विजय उमट के सामने उनसे आठ करोड़ रुपए लिए थे, मगर बाद में दोनों ही मुकर गए। सुरजीत सिंह ने उनके भाई हरजीत सिंह के साथ मिलकर ग्रुप बनाया था और बुरी तरह से ब्लैकमेल किया जा रहा था।

विजय उमट:

विजय उमट एक सीए है। इसने भी अपने बेटे के नाम पर हंबल ऊना होटल में भागीदारी डाली हुई है। मगर अब वह अपने पैसे वापस मांग रहा था। सुसाइड नोट के मुताबिक इंद्रप्रीत ने उमट के बनते 95 लाख रुपए दे दिए थे। पैसे लेने के बाद वह भी मुकर गया था और पूरे ग्रुप के साथ मिलकर ब्लैकमेल कर रहा था।

इंद्रप्रीत सिंह आनंद:

इंद्रप्रीत सिंह आनंद ने भी उनके साथ बिजनेस में भागीदारी की थी। बाद में वह भी उन्हें ब्लैकमेल करने लग पड़ा। पिता चरणजीत सिंह चड्ढा की वीडियो वायरल करवाने में भी आनंद ने अहम भूमिका निभाई है। आनंद ने उनकी पत्नी के 1.37 करोड़ रुपए देने थे। मगर वह इस बात से मुकर गया था। जबकि उल्टा पिता चरणजीत सिंह चड्ढा को ब्लैकमेल कर रहा था और 4.65 करोड़ रुपए मांग रहा था।

सतविंदर कौर:

सतविंदर कौर के बारे में इंद्रप्रीत सिंह ने लिखा है कि वह सब कुछ अपनी मर्जी के साथ पिता के साथ करती रही है। उसने पिता को कई बार अपने पति के साथ मिलकर ब्लैकमेल भी किया। यहां तक उन्होंने सतविंदर कौर के खाते में पांच लाख रुपए भी ट्रांस्फर किए थे। इसके बाद भी उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था। मेरा नाम सतविंदर कौर ने एफआईआर में इस लिए लिखवाया । क्योंकि मैं अपने पिता के साथ खड़ा रहता था और सभी आरोपी जानते थे कि जब तक इंद्रप्रीत इस मामले में नामजद नहीं होगा। वह लोग चरणजीत सिंह चड्ढा का कुछ नहीं बिगाड़ सकते है। इस कारण उनके खिलाफ यह झूठा केस दर्ज करवाया गया था।

भाग सिंह अणखी, निर्मल सिंह और हरी सिंह संधू :

भाग सिंह अणखी सीकेडी का पुराना सदस्य है, जबकि हरी सिंह और निर्मल सिंह मौजूदा सदस्य है। इन सभी ने मिलकर उनके व पिता चरणजीत सिंह चड्ढा के खिलाफ ग्रुप बनाया था और परेशान किया जा रहा था। यही सभी भी भाई हरजीत सिंह चड्ढा के साथ मिले हुए थे क्योंकि हरजीत और पिता चरणजीत सिंह की आपस में नहीं बनती थी और प्रापर्टी विवाद के कारण नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी। इसके अलावा गुरसेवक सिंह चरणजीत सिंह चड्ढा का कर्मचारी था। इसी ने ही वीडियो बनाई थी।

कुलजीत कौर उर्फ के घुम्मन:

कुलजीत कौर उर्फ के घुम्मन कैनेडा की रहने वाली एक एनआरआई महिला है। जोकि अविवाहिता है। के घुम्मन के साथ इंद्रप्रीत सिंह के साथ पुरानी पहचान थी। इस कारण इंद्रप्रीत ने कुछ साल पहले सुपर फेशियल हेल्थ एंड स्पा लुधियाना में शुरु किया था। जिस पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च आया था। मगर बाद में इस बिजनेस को बंद कर दिया गया तो के अपने पैसे वापस मांगने लगी। इंद्रप्रीत ने पैसे दे दिए। मगर वह इंद्रप्रीत को ब्लैकमेल करने लग पड़ी। इस संबंधी अदालत में केस भी चला। इंद्रप्रीत ने लिखा है कि अदालत में जिस जज के पास केस था। उसने भी सारी बात के घुम्मन की ही सुनी। जबकि उसकी कोई बात सुनी ही नहीं गई। जिस कारण वह केस हार गए थे और एक्स्ट्रा पैसे देने पड़े थे। बावजूद इसके के उन्होंने ब्लैकमेल करने से बाज नहीं आ रही थी।

स्थानीय नेता भी कर रहा ब्लैकमेल:

इंद्रप्रीत सिंह ने अपने सुसाइड नोट के अंतिम पहरे में एक स्थानीय नेता मन्ना का नाम भी दिया है। मन्ना को भी सुसाइड के लिए पूरा जिम्मेदार ठहराया है। इंद्रप्रीत सिंह ने लिखा है कि मन्ना उन्हें ब्लैकमेल करते हुए 50 लाख रुपए की मांग कर रहा था। मगर उन्होंने मन्ना को रिफ्यूज कर दिया था और उसके भेजे गए दलाल को हर बार खाली हाथ वापस भेज दिया था। इस कारण वह इस पूरी कार्रवाई में बराबर का भागीदार है।

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