This Indian girl has manufactured 45 robots, cost Rs. 15 lakh each

Patna: Akanksha Annad has manufactured 45 robots. These cost Rs. 15 lakh each. She has developed these robots to teach students in schools. Akanksha completed studies in Electronics and Communications Engineering from Bengaluru in year 2012 and worked for two years with microchip technology company for two years. She is now the director of Serena Techonology, Bengaluru.
बिहार की इस लड़की ने बच्चों के लिए बनाए 45 रोबोट, एक की कीमत 15 लाख
पटना (बिहार).सिटी की रहने वाली आकांक्षा आनंद ने बेंगलुरु से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जो बच्चों को खेल-खेल में पढ़ने और खेलने के साथ कई चीजें सिखाता है। वह इसे बिहार के हर सरकारी से लेकर प्राइवेट स्कूलों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। कई स्कूल इस रोबोट से बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार भी हो गए हैं। बता दें कि एक रोबोट को बनाने में 10 से 15 लाख रुपए की लागत आती है। इस रोबोट की लंबाई दो फीट होती है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद बनाया
– आकांक्षा ने 2012 में बेंगलुरु से इंजीनियरिंग में ईसीई (इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) की पढ़ाई पूरी करने के बाद दो साल तक आईटी कंपनी माइक्रो चिप टेक्नोलॉजी के साथ काम किया।
– उसके बाद 2014 में कर्नाटक की कंपनी सेरेना टेक्नोलॉजी के साथ काम शुरू किया। फिलहाल आकांक्षा इस कंपनी की डॉयरेक्टर हैं।
– कंपनी के सीईओ हरिहरण बोजन के साथ मिलकर ये लगातार काम कर रही हैं। काफी मंथन के बाद उन्होंने एक ऐसे रोबोट बनाने की शुरुआत की जो बच्चों को आसानी से पढ़ा सके।
– खेल-खेल में तनावमुक्त शिक्षा दे सके। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए कर्नाटक सरकार ने मदद की और बनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया।
– इस रोबोट को बनाने का खास उद्देश्य बच्चों को नए और रोचक तरीके से पढ़ाना, खेलना, डांस जैसी चीजों को सिखाना है। इस नए तकनीक से बच्चे पढ़ाई में रुचि भी लेंगे।
– आकांक्षा का कहना है कि धीरे-धीरे इसे सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने में हमारी टीम जुटी हुई है। इससे जो बच्चे पढ़ने नहीं आते हैं या रुचि नहीं लेते हैं, वे स्कूल आने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई में मन लगा सकेंगे।
ऐसे आया आकांक्षा को आइडिया
– भारत में ऐसे कई रोबोट बनाए गए जो व्हील से चलते हैं, लेकिन आकांक्षा के अनुसार पहली बार पैरों से चलते हुए रोबोट उसने बनाए।
– आकांक्षा ने पढ़ाई के दौरान हांगकांग, चीन और ताइवान आदि का कई बार भ्रमण किया। इस बीच उन्होंने चीन में छोटे-छोटे बच्चों को रोबोट बनाते और उससे खेलते देखा।
– उसके बाद आकांक्षा ने नए तरीके का रोबोट बनाने की सोची, जो बच्चों के भविष्य में पढ़ाई के लिए मददगार हो सके।
– उन्होंने कहा कि जब दूसरे देश के बच्चे इसे आसानी से समझ सकते हैं तो हमारे देश के बच्चों में भी इस तरह की सोच आनी चाहिए।
बिहार से की जाएगी रोबोट से बच्चोंं को पढ़ाने की शुरुआत
– आकांक्षा ने इसकी शुरुआत बिहार से ही की है। उनका कहना है कि मैं बिहार से हूं और चाहती हूं कि इसकी पहल मैं यहीं से करूं।
– इसके लिए उन्होंने बिहार के हर जिले में जाकर कई स्कूलों से बात भी की है। उनका कहना है कि बिहार के बच्चे आगे बढ़े और हर तरीके से परिपूर्ण हों।
– वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना चाहती हैं।
15 लाख खर्च कर बनाया जाता है एक रोबोट
– एक रोबोट को बनाने में 10 से 15 लाख रुपए की लागत आती है। इस रोबोट की लंबाई दो फीट होती है।
– इसमें कई तरह की टेक्नोलॉजी, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, डिजाइन, एकेडमिक और स्किल्स लगा कर ये ह्यूमेनाइड रोबोट तैयार किया गया है, जिसका नाम ‘नीनो’ रखा गया है।
– यह रोबोट काम देने पर तुरंत शुरू कर देता है। इसे ऑपरेट करने के लिए इंसान की आवाज या एप की जरूरत पड़ती है।
– आकांक्षा ने अभी तक कई तरह के रोबोट बनाए हैं, जो अलग-अलग काम करते हैं।
– इनमें ह्यूमेनाइड रोबोट, रोबोटिक आर्म, ऑटोमोबाइल किट, पेट रोबोट, क्वार्डबोट रोबोट जैसे कई रोबोट हैं।
– इनमें ह्यूमेनाइड रोबोट 40 से 45 की संख्या में बनकर तैयार हैं। इसके सारे पार्ट्स भारत में ही मिलते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *