Maulana Salman Nadwi demanded Rs. 5000 crore for Ayodhya offer, FIR filed against him

Lucknow: The general secretary of Ayodhya Sadbhavna Samanvay Samiti, Amarnath Mishra, has lodged a complaint against Salman Nadwi for allegedly demanding Rs 5000 crore as a bribe to change his stand in the Babri title suit.
Mishra has alleged that he gave a written proposal to the expelled member of the All India Muslim Personal Law Board who took it to the media.
This eventually led to the ouster of Nadwi from AIMPLB before the issue could be discussed in a board meeting, he said.
Mishra further alleged that he met Nadwi at Nadwa on 4th February in the presence of Imam Council general secretary Haji Masroor Khan.
Speaking to News18, Mishra said, “Maulana Nadwi wants to ‘islamicize’ Ayodhya and wants to convert Ayodhya in new Medina. That is why when he asked for a proposal and then demanded Rs 5000 crore, 200 acres of land and a Rajya Sabha seat.”
He further alleged that Nadwi had put his demands in front of Sri Sri Ravi Shankar whose office in reply said that the Ayodhya issue can only be resolved by brotherhood and harmony and refused to make any deal.
Nadwi has rejected all these allegations and said that he is not familiar with Mishra or Haji Masroor Khan. He said Mishra was lying and his charges were baseless. Nadwi also said that it is all done as a part of conspiracy against him. He, however, said he will not take legal action against Mishra.
The Ayodhya Sadbhavna Samanvay Samiti was created on the initiative of Ravi Shankar. Its main aim is to settle the Ayodhya dispute out of court.
मौलाना सलमान ने राममंदिर निर्माण के बदले मांगे 5000 करोड़ और राज्यसभा सदस्यता-अमरनाथ मिश्रा
लखनऊ
अयोध्या में विवादित स्थल पर समझौते का प्रस्ताव पेश करने वाले ऑल इंडिया मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड के निष्कासित सदस्य मौलाना सलमान नदवी पर सरकार से 5000 करोड़ रुपये की डील करने का आरोप लगा है। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास अयोध्या के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने मौलाना पर यह आरोप लगाते हुए हसनगंज कोतवाली में तहरीर दी है। उनका यह भी आरोप है कि मौलाना ने समझौते का प्रस्ताव रखने के एवज में सरकार से राज्यसभा की सदस्यता मांगी थी। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच के बाद एफआईआर दर्ज करने की बात कही है।
अयोध्या: मस्जिद बाहर शिफ्ट करने का आइडिया देनेवाले नदवी AIPMLB से बाहर
न्यास के ‘समझौता वार्ता प्रभारी’ डॉ. अमरनाथ मिश्रा का कहना है कि वह तीन दशकों से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए वह पिछले कई दिनों से मुस्लिम धर्मगुरुओं के भी संपर्क में हैं। डॉ. अमरनाथ ने बताया कि 4 फरवरी को उन्होंने मौलाना सलमान नदवी से फोन पर वार्ता की थी। जिस पर मौलाना ने उन्हें अगले दिन मिलने बुलाया था। बीती 5 फरवरी की सुबह 9:45 बजे वह नदवा कॉलेज में मौलाना से भेंट करने पहुंचे। डॉ. अमरनाथ का कहना है कि मुलाकात के दौरान मौलाना ने उनसे राम मंदिर निर्माण और मस्जिद के सम्बंध में उनका प्रस्ताव मांगा। बकौल डॉ. अमरनाथ मौलाना ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह 9, 10 व 11 फरवरी को हैदराबाद में होने वाली मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मीटिंग में यह प्रस्ताव पेश करके उस पर सहमति बनवाएंगे।
डॉ. अमरनाथ का कहना है कि मौलाना ने बंगलुरु में उन्हीं का बनाया हुआ प्रस्ताव मीडिया के सामने पेश किया। डॉ. अमरनाथ के मुताबिक मौलाना ने उनसे बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से अयोध्या में मस्जिद और विश्वविद्यालय बनाने के नाम पर 200 एकड़ भूमि की मांग की। इसके लिए 5 हजार करोड़ रुपये और अपने लिए राज्यसभा की सदस्यता मांगी। डॉ. अमरनाथ का कहना है कि मौलाना सलमान नदवी अब मीडिया से बता रहे हैं कि वह ना तो उनसे मिले हैं और ना ही जानते हैं।
उन्होंने हसनगंज पुलिस को तहरीर देकर मौलाना की कॉल डिटेल और नदवा कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक करने की मांग की है। जिससे मौलाना और उनके बीच हुई मुलाकात की सच्चाई पता चल जाएगी। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि तहरीर की जांच की जा रही है।

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